परिषदीय विद्यालयों में चल रही वार्षिक परीक्षाएं शनिवार को समाप्त हो गईं। 22 मार्च से शुरू हुई परीक्षा के आखिरी दिन भी कोई सुधार नहीं दिखा। बच्चों को प्रश्नपत्र की फोटोकॉपी से ही काम चलाना पड़ा। शनिवार को प्रथम पाली में कक्षा तीन, चार और पांच की कार्यानुभव व नैतिक शिक्षा की परीक्षाएं हुईं। वहीं, कक्षा छह की विज्ञान की परीक्षा हुई। सातवीं और आठवीं के बच्चों ने हिंदी विषय की परीक्षा दी। दूसरी पाली में कक्षा छह, सात और आठ की पर्यावरण अध्ययन की परीक्षाएं हुई। कई ऐसे सवाल पूछे गए जो इस साल कोर्स में नहीं थे।
31 मार्च को जारी होगा परिणाम
परीक्षाएं समाप्त होने के बाद अब छात्र और अभिभावक परिणाम का इंतजार कर रहे हैं। दो साल बाद परीक्षाएं हुई हैं, ऐसे में अभिभावक अपने बच्चों के शैक्षिक स्तर को भी जानना चाहते हैं। परिणाम 31 मार्च को जारी होगा। छात्रों को अभिभावकों के साथ विद्यालय आना होगा।
चार अप्रैल से शुरू होगा नया सत्र
चार अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो जाएगी। विडंबना यह है कि नए सत्र में भी बच्चों को पुरानी किताबों से ही पढ़ाई करनी होगी। इसके लिए शनिवार को ही परीक्षा के बाद छात्रों से उनकी पुरानी पुस्तकें ले ली गईं। ताकि नए सत्र में बच्चों को पढ़ाया जाएगा।