वाराणसी में टीकाकरण अभियान शुरू होने के एक साल बाद भी अब तक 18 साल से ऊपर के सभी लोग पूरी तरह सुरक्षित नहीं हो सके हैं। महज 60 प्रतिशत लोगों को ही टीके की दोनों डोज लग सकी है। यहीं नहीं तय लक्ष्य के हिसाब से पहली डोज तो लगभग सभी को लग गई है, लेकिन 12 लाख लोगों को दूसरी डोज लगनी बाकी है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से 16 जनवरी 2021 से टीकाकरण की शुरुआत हुई थी। 18 से 60 साल और उससे अधिक उम्र के करीब 31 लाख लोगों को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि शत प्रतिशत लोगों को टीका लगाए जाने का दावा तो स्वास्थ्य विभाग की ओर से किया जा रहा है। दूसरी के बाद तीसरी लहर भी आ गई है, लेकिन सभी को सुरक्षा कवच नहीं मिल सका है।
शुरुआती दो महीनों में कम रही संख्या
टीकाकरण के शुरुआती दो महीने में संख्या कम रही। इसके बाद संख्या बढ़ती गई। इसके पीछे टीके की कमी और केंद्र तक पहुंचने वालों की संख्या को मुख्य वजह माना गया। बाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टीका लगवाने और लगाने वालों से बातचीत कर उनका हौसला बढ़ाया। स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी जागरूक किया गया। इसके बाद आंकड़ा भी बढ़ने लगा, लेकिन तय लक्ष्य पूरा नहीं हो सका था।
पढ़ेंः वाराणसी में कोरोना का कहर जारी : 4076 हुई एक्टिव मरीजों की संख्या, अस्पतालों में मात्र 16 भर्ती