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मिर्गी दिवस: इलाज को लेकर लोगों में अंधविश्वास, कहीं शमशान में सेकी जाती है रोटी तो कहीं खिलाया जाता है खटमल

Thu, 17 Nov 2022 10:25 AM IST
किरन रौतेला न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

मिर्गी के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है। न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर दिन 200 से 300 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ज्यादातर मरीज अंधविश्वास में पड़कर मिर्गी से बचाव के लिए बाकी उपाय करते हैं, जब कोई राहत नहीं मिलती तब अस्पताल आते हैं।
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आईएमएस बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. विजय नाथ मिश्र - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मिर्गी एक ऐसी बीमारी है, जिसका अस्पतालों में बेहतर इलाज है। समय रहते इलाज कराने पर लोग ठीक भी हो जाते हैं लेकिन अभी भी लोग इस बीमारी को लेकर अंधविश्वास में हैं। यहीं कारण है कि अंधविश्वास की वजह से ही मिर्गी का मर्ज दिन प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। अस्पताल आने वाले मरीजों को भी बेहतर इलाज के प्रति जागरूक किया जा रहा है। 

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आईएमएस बीएचयू न्यूरोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. विजय नाथ मिश्र के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में सबसे अधिक 83 जबकि शहरी इलाकों में 42 प्रतिशत लोगों में बीमारी को लेकर अंधविश्वास है। 
मिर्गी के प्रति जागरूकता को लेकर हर साल 17 नवंबर को राष्ट्रीय मिर्गी दिवस मनाया जाता है। न्यूरोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर दिन 200 से 300 मरीज इलाज के लिए आते हैं। ज्यादातर मरीज अंधविश्वास में पड़कर मिर्गी से बचाव के लिए बाकी उपाय करते हैं, जब कोई राहत नहीं मिलती तब अस्पताल आते हैं। प्रो. विजयनाथ मिश्र का कहना है कि ओपीडी में 30 साल से कम उम्र के बच्चों के साथ ही 50 साल तक के लोग भी आते हैं। 

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मिर्गी - फोटो : free pick
दस साल में 242 कैंप, किया जागरूक 
न्यूरोलॉजी विभाग की ओर से वाराणसी के साथ ही मिर्जापुर, सोनभद्र, चंदौली आदि जिलों में दस साल में 242 कैंप लगाए गए हैं। कैंपों में पता चला कि औराई में बंदर के बच्चे को गोद में देने से, वाराणसी में शमशान में चिता में रोटी सेंकने से और मिर्जापुर में खटमल खिलाकर मिर्गी दूर करने का अंधविश्वास है। 
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mirgi - फोटो : social media
ये भी जानें
मिर्गी पर फिल्म बनाई गई। अब तक दस हजार से अधिक शो देखा गया। 
दस साल में 243 कैंप किया गया। 
नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में डिजिटल इंडिया के माध्यम से जागरूक किया।
नाव ओपीडी, घाट ओपीडी की शुरुआत की गई।
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