फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi News: सरकारी धन गबन के आरोपी ठेकेदार और कोटेदार को ईओडब्लू ने किया गिरफ्तार

Sun, 03 Jul 2022 05:33 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

गाजीपुर में पर्यटन विकास से संबंधित सात करोड़ रुपये गबन के आरोपी ठेकेदार और बलिया खाद्यान्न घोटाले में आरोपी कोटेदार को ईओडब्लू ने रविवार को गिरफ्तार किया। 
विज्ञापन
गबन का आरोपी ठेकेदार (बायें) और कोटेदार - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गाजीपुर में पर्यटन विकास से संबंधित सात करोड़ रुपये गबन के आरोपी ठेकेदार और बलिया खाद्यान्न घोटाले में आरोपी कोटेदार को ईओडब्लू ने रविवार को गिरफ्तार किया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया।

विज्ञापन


आर्थिक अपराध अनुसंधान संगठन (ईओडब्लू) वाराणसी सेक्टर के एसपी डी प्रदीप कुमार के अनुसार निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा की टीम ने पर्यटन विकास संबंधित कार्यों में गबन के आरोपी ठेकेदार राजू चौरसिया को जैतपुरा स्थित रानी फाटक औसानगंज से गिरफ्तार किया। वर्तमान में वह ईश्वरगंगी जैतपुरा का निवासी है।

उधर, बलिया खाद्यान्न घोटाले के आरोपी कोटेदार सुरेश प्रसाद यादव को इंस्पेक्टर अरविंद कुमार सिंह की टीम ने पुलिस लाइन से गिरफ्तार किया। आरोपी कोटेदार बलिया के बैरिया का निवासी है।  एसपी डी. प्रदीप कुमार के अनुसार साल 2013 में उत्तर प्रदेश शासन ने गाजीपुर स्थित भदौरा ब्लॉक परमेन शाह तालाब, सेवराई चीर पोखरा, मां कामाख्या धाम गहमर और देवकली देव स्थल के पर्यटन विकास और सुंदरीकरण के लिए लगभग सात करोड़ रुपया जारी किया था।

विज्ञापन

इसके बाद कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड ने कार्य पूरा नहीं कराया और सरकारी धन का गबन किया।

पर्यटन के संयुक्त निदेशक ने दर्ज कराया था गहमर में मुकदमा 
मानक के अनुरूप कार्य न होने और शासकीय धन की बंदरबाट मामले में संयुक्त निदेशक पर्यटन अविनाश चंद्र मिश्र ने वर्ष 2017 में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों के खिलाफ शासकीय धन का दुरुपयोग, गबन और क्षति संबंधित मामलों में गाजीपुर के गहमर थाने में मुकदमा दर्ज कराया था।
विज्ञापन

ईओडब्ल्यू के निरीक्षक सुनील कुमार वर्मा ने साल 2018 की जांच में कार्यदायी संस्था उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड के तत्कालीन परियोजना प्रबंधक सहित अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों सहित ठेकेदारों को भी दोषी पाया। गिरफ्तारी टीम में निरीक्षक विंध्यवासिनी मणि त्रिपाठी, निरीक्षक महेश पांडेय, अरविंद सिंह, शशिकांत सिंह, विनीत सिंह, विनोद यादव, सरफराज अंसारी, राज सिंह यादव आदि शामिल है। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें