सांस्कृतिक नगरी काशी के विकास और व्यापार-उद्योग को उड़ान देने के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित करने की जरूरत है। व्यवस्था को अपग्रेड और बदलने की आवश्यकता है। व्यवसाय को तंग गलियों से बाहर निकालना होगा। बेहतर क्वालिटी और आकर्षक पैकेजिंग से ही ब्रांड बन सकेंगे। ये बातें सोमवार को चांदपुर औद्योगिक आस्थान स्थित अमर उजाला कार्यालय में आयोजित संवाद में उद्यमियों और व्यापारियों ने कहीं। कहा कि बनारसी साड़ी, लकड़ी के खिलौने, मोती समेत अन्य उत्पादों की ब्रांडिंग बहुत जरूरी है। ब्रांड बनाने के लिए आधा पैसा सरकार दे और आधा पैसा उद्यमी स्वयं लगाएं।
बोले उद्यमी और व्यापारी
उद्योग, व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए सरकार प्रयास कर रही है। हालांकि इसमें तेजी लाने की जरूरत है। कुछ ऐसा किया जाए कि लोगों की परचेजिंग पावर बढ़े। त्योहारी सीजन में रात 9 बजे बंद होने वाली दुकानों का समय बढ़ाकर 11 से 12 बजे रात किया जाए। इसके साथ ही त्योहारी सीजन के दौरान बैंकों में लंबी छुट्टी नहीं होनी चाहिए। ऑटोमोबाइल्स सेक्टर में 75 फीसदी कार्य बैंक से ही जुड़ा हुआ है।
- राजीव गुप्ता, अध्यक्ष, वाराणसी ऑटोमोबाइल्स डीलर एसोसिएशन
ई-कॉमर्स कंपनियों पर लगाम लगाने के लिए सरकार को कदम उठाना चाहिए। रेडिमेड, इलेक्ट्रानिक्स, गैजेट्स, कास्मेटिक अन्य उत्पादों की ऑनलाइन खरीदारी जोरों पर है। ऑटामोबाइल्स सेक्टर भी इससे अछूता नहीं है। जीएसटी समेत अन्य कई चीजों से व्यापारी घुट-घुट कर जी रहा हैं। सरकार को आम आदमी की परचेजिंग पावर बढ़ाने पर भी काम करना होगा। शहर की यातायात व्यवस्था के प्रबंधन की जरूरत है।
- राजेंद्र गोयनका, राष्ट्रीय सचिव, फेडरेशन ऑफ आल इंडिया व्यापार मंडल
शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को और बेहतर बनाने की जरूरत है। यातायात व्यवस्था में बहुत सुधार हुआ है। हालांकि वनवे सिस्टम का सख्ती से पालन कराए जाने की आवश्यकता है। जब तक हम और आप जागरूक नहीं होंगे, कोई भी योजना धरातल पर सफल नहीं हो सकती। वहीं, उद्योग व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को नई व्यवस्था में अपने को ढालना होगा। ईमानदारी और मेहनत के से ही ब्रांड बन सकते हैं।
-अशोक गुप्ता, प्रमुख उद्यमी, बनारस बीड्स
काशी में विकास तो हो रहा है। साफ-सफाई, सुरक्षा और यातायात प्रबंधन का असर दिखने को मिल रहा है। इससे व्यापार और उद्योग भी आगे बढ़ रहे हैं। बुनकरों को हर दिन काम मिल रहा है। पहले कोई उन्हें पूछता तक नहीं था। फैक्ट्री पूरी क्षमता के साथ चल रही है। थोड़ी दिक्कतें हैं, जिसे दुरुस्त कर लिया जाए तो काशी से अच्छी जगह दुनिया में कोई नहीं है।
-अमित सेवारमानी, साड़ी उद्यमी, जिलाध्यक्ष, फैम
श्रीकाशी विश्वनाथ कॉरिडोर से ही काशी के पर्यटन में बूम है। अयोध्या, प्रयागराज आने वाले पर्यटक काशी जरूर आते हैं। नए-नए होटल, होमस्टे, गेस्ट हाउस खुल रहे हैं। अक्तूबर से मार्च तक पर्यटकों से काशी पटी रहेगी। देव दिवाली और फिर महाकुंभ का फायदा पर्यटन को मिलने वाला है। फूड का बिजनेस काफी बढ़ा है। सरकार को कुछ और ऐसी सहूलियत देनी चाहिए कि पर्यटन व्यवसाय बढ़े।
-कृष्णा मोदी, होटल व्यवसायी