सांस्कृतिक प्रस्तुति देती हुई कलाकार।
- फोटो : अमर उजाला
तबले पर अमित ईश्वर, हारमोनियम पर पंकज मिश्र और गायन में संगत राकेश ने किया। कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति में पं. गणेश मिश्र ने मंच संभाला। उन्होंने गायन की शुरूआत शंकरा राग में एक ताल में निबद्ध शंकर महादेव देव...से की तो पूरा प्रांगण हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से गूंजने लगा।
इसके बाद पं. मिश्र ने बाबा को होरी गीत काशी में होरी रचाए भोला. लाल भाई काशी हरी भई गंगा, सब पर भंग बरसाए रे भोला...सुनाया तो पूरा प्रांगण होली के रंगों से सराबोर हो उठा। इसके बाद लखनऊ से आई पांच साल की सौंदर्या पांडेय ने शिव तांडव और शिव स्तोत्र की मधुर प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति में समूह लोक नृत्य दिव्या श्रीवास्तव और डॉ. रजना उपाध्याय ने कथक की प्रस्तुति दी।
इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ न्यास अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने दीप जलाकर किया।