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Maha Shivratri: काशी में होरी रचाए भोला, लाल भई काशी हरी भई गंगा... के साथ पंच वाद्य पर गूंजा ऊं नमः शिवाय

Wed, 06 Mar 2024 10:41 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Maha Shivratri: महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव की अंतिम संध्या की शुरूआत प्रो. संगीता सिंह ने संगत कलाकारों के साथ बाबा को पंच वाद्य यंत्रों के सुरों की श्रद्धा से अभिषेक किया। सितार, पखावज, तबला, वायलिन और बांसुरी की संगत ने महादेव के 108 नामों को सुरों में पिरोकर पूरा माहौल शिवमय कर दिया।
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महाशिवरात्रि कार्यक्रम के दौरान कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुति ने मोहा जन मन। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्री काशी विश्वनाथ धाम में तीन दिवसीय महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव का भावपूर्ण समापन हुआ। पं. गणेश मिश्रा ने भगवान शिव को होली सुनाई तो पूरा माहौल होलियाना रंगों में डूबता-उतराता रहा। पंच वाद्य यंत्रों पर भगवान शिव के 108 नाम की प्रस्तुति के सम्मोहन में बंधे श्रोताओं का जयकारा सौंदर्या के शिवतांडव तक अनवरत जारी रहा।

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बुधवार को महाशिवरात्रि संगीत महोत्सव की अंतिम संध्या की शुरूआत प्रो. संगीता सिंह ने संगत कलाकारों के साथ बाबा को पंच वाद्य यंत्रों के सुरों की श्रद्धा से अभिषेक किया। सितार, पखावज, तबला, वायलिन और बांसुरी की संगत ने महादेव के 108 नामों को सुरों में पिरोकर पूरा माहौल शिवमय कर दिया। इसके बाद मां दुर्गा स्तोत्र और बाबा को होरी पेश किया।

संगत में रहे तबले पर आशीष, पखावज पर वैभव राम, वायलिन पर अर्जुन कुमार, बांसुरी पर सुधीर कुमार गौतम रहे। इसके बाद अगली प्रस्तुति डॉ. मधुमिता भट्टाचार्या की रही। उन्होंने संगत कलाकारों के साथ बाबा को एक होली सुनाई और शिव भजन गाया।

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गूंजने लगा जय श्रीराम...

सांस्कृतिक प्रस्तुति देती हुई कलाकार। - फोटो : अमर उजाला
तबले पर अमित ईश्वर, हारमोनियम पर पंकज मिश्र और गायन में संगत राकेश ने किया। कार्यक्रम की तीसरी प्रस्तुति में पं. गणेश मिश्र ने मंच संभाला। उन्होंने गायन की शुरूआत शंकरा राग में एक ताल में निबद्ध शंकर महादेव देव...से की तो पूरा प्रांगण हर-हर महादेव और जय श्रीराम के जयघोष से गूंजने लगा।

इसके बाद पं. मिश्र ने बाबा को होरी गीत काशी में होरी रचाए भोला. लाल भाई काशी हरी भई गंगा, सब पर भंग बरसाए रे भोला...सुनाया तो पूरा प्रांगण होली के रंगों से सराबोर हो उठा। इसके बाद लखनऊ से आई पांच साल की सौंदर्या पांडेय ने शिव तांडव और शिव स्तोत्र की मधुर प्रस्तुति दी। अंतिम प्रस्तुति में समूह लोक नृत्य दिव्या श्रीवास्तव और डॉ. रजना उपाध्याय ने कथक की प्रस्तुति दी।

इसके पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ न्यास अध्यक्ष प्रो. नागेंद्र पांडेय ने दीप जलाकर किया।
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