सूचना पर इटौरा चौकी प्रभारी रंजन कुमार साव और उपनिरीक्षक बालेन्द्र कुमार यादव के साथ पुलिस टीम ने समेंदा-पूरा ठकुराई मार्ग स्थित लोहारी मोड़ पुलिया के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद बाइक आती दिखाई दी। रोकने का इशारा करने पर चालक ने अचानक ब्रेक लगाया, जिससे बाइक गिर गई।
चालक ने पीछे बैठे साथी आसिफ को पुलिस टीम पर गोली चलाने के लिए कहा और अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। इसके बाद बाइक पर पीछे बैठे आसिफ ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मसमर्पण की चेतावनी दी, लेकिन आरोपी ने दोबारा फायर करने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली उसके दाहिने पैर में घुटने के नीचे लगी। उसे गिरफ्तार कर प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल भेजा गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान आसिफ (30) निवासी अशरफपुर, थाना जीयनपुर के रूप में हुई। पूछताछ में उसने कलीम निवासी शाहपुर, थाना जीयनपुर और अन्य साथियों के साथ मिलकर बकरी चोरी करने की बात बताई। पुलिस के मुताबिक कलीम गिरोह का मुख्य व्यक्ति है और उसके पास मौजूद होंडा सिटी कार से रेकी और आवागमन किया जाता था। जरूरत के अनुसार ऑटो का भी इस्तेमाल किया जाता था।
आरोपी ने बताया कि 29 सितंबर को सिधारी क्षेत्र के दौलतपुर से दो बकरियां, 20 सितंबर को समेंदा से एक बकरी और 16 सितंबर को जीयनपुर क्षेत्र के बैरियाडिह से तीन बकरियां चोरी की थीं। समेंदा से चोरी की गई बकरी बेचने के बाद उसके हिस्से में मिले 1560 रुपये पुलिस ने बरामद किए हैं। आसिफ के खिलाफ छह मामले दर्ज हैं, जबकि फरार कलीम के खिलाफ चोरी, लूट, पशु क्रूरता, गैंगस्टर और आर्म्स एक्ट समेत 38 मामले दर्ज हैं।
पुलिस ने आसिफ के खिलाफ सिधारी थाने में हत्या के प्रयास, चोरी और आर्म्स एक्ट की धाराओं में। प्राथमिकी दर्ज किया है। फरार कलीम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है। मुठभेड़ स्थल पर फॉरेंसिक टीम ने भी निरीक्षण कर साक्ष्य संकलित किए। मौके से तमंचा और मिसफायर कारतूस समेत अन्य साक्ष्य सुरक्षित किए गए। बरामदगी की वीडियोग्राफी बीएनएसएस के तहत ई-साक्ष्य एप के माध्यम से कराई गई।