बिजली निगम के निजीकरण के प्रस्ताव पर कर्मचारियों ने सवाल खड़ा किया है। इसको लेकर मंगलवार को कर्मचारियों ने बिजली कार्यालयों पर प्रदर्शन कर निजीकरण के प्रस्ताव को वापस लेने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांग पूरी नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले प्रदर्शन कर कर्मचारियों ने निजीकरण के विरोध में नारेबाजी की। समिति के मीडिया सचिव अंकुर पांडेय ने बताया कि सरकार की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि निजी कंपनी को सब्सिडाइज्ड रेट पर सरकार कितने वर्ष बिजली आपूर्ति कराएगी। ऐसे में पूरे प्रस्ताव पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं। इस दौरान राजेंद्र सिंह, जिउतलाल, कृष्णा सिंह, चन्द्रभान कुमार,रमाकांत पटेल,बंशीलाल आदि लोग मौजूद रहे।