इस दौरान प्रोफेसर द्वारा कर्मचारी के साथ मारपीट की घटना की निंदा करते हुए इसे गलत बताया। इधर कर्मचारियों के कामकाज ठप करने और प्रदर्शन के चलते विभागों में सन्नाटा पसरा रहा। कर्मचारियों का कहना था कि जब तक प्रोफेसर पर कार्रवाई नहीं हो जाएगी तब तक विरोध जारी रहेगा।
विश्वविद्यालय के कुलसचिव ओमप्रकाश ने बताया कि विज्ञान विभाग के चपरासी ने प्रोफेसर जितेंद्र कुमार पर मारपीट, गाली गलौच का आरोप लगाया है। मामले की जांच तीन सदस्यीय जांच कमेटी करेगी। कमेटी में वेदांत विभाग के प्रोफेसर रामकिशोर त्रिपाठी को अध्यक्ष, दर्शन संकाय के संकायप्रमुख प्रो. सुधाकर मिश्र और विनयाधिकारी प्रो. शैलेश कुमार मिश्र को सदस्य बनाया गया है। कमेटी जांच कर अपनी आख्या कुलपति को सौंपेगी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने नियमानुसार जांच कमेटी गठित कर दी है। चुनाव आचार संहिता में धारा 144 लागू है। इसमें किसी प्रकार का हड़ताल, धरना, प्रदर्शन नहीं हो सकता। अगर कर्मचारी नहीं माने तो जिला निर्वाचन अधिकारी को सूचित कर नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।-प्रो. हरेराम त्रिपाठी, कुलपति