मकान मालिक आईआईटी बीएचयू के प्रो. सुदीप मिश्रा ने पुलिस को बताया कि जून 2024 में ब्रोकर के जरिये एक व्यक्ति ने खुद को जीरा कारोबारी बताते हुए 40 हजार रुपये प्रति माह किराये पर मकान लिया था। उस समय हम कोटा में थे और पत्नी से बातचीत के दौरान किरायेदारी तय हुई। बीच में उसका सहयोगी आया। वह आया तो मकान से सीसी कैमरा निकाल दिया। फरवरी में मकान खाली करने के लिए कहा गया। कोटा से आने पर मकान पर ताला बंद था। मोबाइल पर संपर्क नहीं हुआ तो चौकी पर गए। फिर रात में कमलेश का फोन आया और बताया कि रुपये चोरी हो गए थे, उसी में परेशान थे। 31 मार्च को किरायेदार ने मकान खाली कर दिया था।
क्या बोले अधिकारी
मकान के कैमरे व डीवीआर नहीं हैं। आसपास के कैमरे खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित कमलेश शाह गुजरात में हैं। तीन दिन बाद वाराणसी आने के लिए आश्वस्त किया है। वहीं, उनके परिचित राजेंद्र सिंह, कर्मचारी बजरंग और हसमुख गिरी से संपर्क नहीं हो सका है। तीनों के मोबाइल नंबर बंद हैं। -गौरव कुमार, भेलूपुर एसीपी
पुलिस की छानबीन में सामने आया कि हवाला की रकम होने से इंकार नहीं किया जा सकता है। फर्म के प्रोपराइटर ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया, लेकिन पीड़ित ने घटना की तुरंत थाने में सूचना नहीं दी। पखवारे भर बाद थाने में सूचना दी गई। पुलिस को आशंका है कि यह हवाला की रकम हो सकती है। फर्म मालिक कमलेश शाह के गुजरात से वाराणसी आने पर मामला और स्पष्ट हो सकेगा।