फिल्म टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम विकसित करने की जरूरत है। ताकि मुंबई के फिल्म निर्माताओं के लिए ही एक ही स्थान पर सभी सुविधाएं मुहैया हो सकें। इसमें शूटिंग की अनुमति से लेकर सुरक्षा तक के सारे पहलू शामिल हों। उक्त बातें महाराष्ट्र फिल्म, स्टेज व सांस्कृतिक विकास निगम लिमिटेड के पूर्व उपाध्यक्ष अमरजीत मिश्रा ने शनिवार को टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन की ओर से आयोजित वर्चुअल बैठक में बतौर मुख्य अतिथि कहीं।
उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक संवर्धन अकादमी के माध्यम से कार्य करना होगा। इसके अंतर्गत हिंदी, भोजपुरी और अवधी फिल्म इंडस्ट्री तो समाहित होगी ही इससे जुड़े अन्य पक्षों के लिए भी बनारस में कार्य करने के विशेष अवसर उपलब्ध होंगे।
टीडब्ल्यूए के अध्यक्ष राहुल मेहता ने कहा कि काशी में आज भी फिल्म टूरिज्म से पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों को काफी रोजगार मिल रहा है, जरूरत है कि जो लोग बाहर से यहां शूटिंग करने आते हैं वो एक अच्छा अनुभव लेकर जाएं।
फिल्म टूरिज्म कमेटी के संयोजक अमित त्रिवेदी ने बताया कि फिल्म शूटिंग से संबंधित डिजिटल डायरेक्ट्री के निर्माण का कार्य चल रहा है इसमें वाराणसी के सभी तरह के कलाकार, संगीतज्ञ, फोटोग्राफर, होटल, ट्रेवेल्स व अन्य लोगों की जानकारी दर्ज होगी।
फोटोग्राफी विशेषज्ञ ज्योति शर्मा ने कहा कि काशी में फोटोग्राफी टूर के साथ देश के प्रमुख फोटोग्राफरों का समागम कर एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित कर पर्यटन उद्योग को बल दिया जा सकता है। बैठक में फिल्म टूरिज्म कमेटी से जुड़े संतोष सिंह, अरविंद मिश्र हर्ष, अभिषेक पाठक, सुनील शर्मा, अनूप प्रसाद, मयंक पाहवा, सौरभ शुक्ला आदि रहे। संचालन उपाध्यक्ष अभिषेक सिंह व धन्यवाद महामंत्री प्रदीप राय ने किया।