इन मीटरों में स्वीकृत लोड भी उछाल मारता है। यहां के समस्त नागरिक बहुत परेशान हैं लेकिन पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम इस व्यापक समस्या का कोई भी समाधान नहीं कर पा रहा है। उनकी बेबसी और लाचारी से जन मानस में असंतोष और बढ़ता जा रहा है।
सपा एमएलसी के अनुसार मीटर की रीडिंग किसी नान स्मार्ट चेक मीटर से करावा लें। इस बाबत एक कमेटी बना दें और उसमें दो उपभोक्ताओं को भी शामिल करें। यह कमेटी पूरी जांच करने के बाद अपनी रिपोर्ट 15 दिनों में ऊर्जा मंत्रालय को प्रेषित कर दे। उस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया जाए।
केस वन-
मार्च महीने में स्मार्ट मीटर लगाया है। पहले 600 रुपये बिल आता था। अब 1500 रुपये बिल आ रहा है, जबकि घर का लोड भी नहीं बढ़ाया गया है। इसके बावजूद स्मार्ट मीटर लगने के बाद बिल अधिक आ रहा है। मीटर बहुत तेजी से बढ़ रहा है। शिकायत के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। - आरएस कुशवाहा, लक्सा
केस टू-
स्मार्ट मीटर लगवाने के लिए काफी हल्ला मचाया गया। जब मीटर लगवा लिया तो बिल 3 गुना आ रहा है। पहले 1200 रुपये बिल आता था। अब 3500 रुपये का बिल आ रहा है। ऑनलाइन शिकायत की गई लेकिन कुछ नहीं हुआ। -संतोष कुमार, नरिया