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अनदेखी: अधूरे सुरक्षा उपकरण के साथ काम कर रहे बिजलीकर्मी, तीन महीने में चार लोग झुलसे, कम नहीं हो रहीं घटनाएं

Sun, 06 Apr 2025 12:56 PM IST
अमन विश्वकर्मा रबीश श्रीवास्तव, अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

आधू-अधूरे सुरक्षा उपकरण के कारण आए दिन बिजलीकर्मियों के साथ हादसे हो रहे हैं। इसे लेकर उनके परिजनों में भी भय का माहाैल है। दूसरी तरफ, उपकेंद्रों पर सुरक्षा उपकरणों का अभाव है।
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ऐसे ही फाॅल्ट ठीक करते हैं बिजलीकर्मी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजली निगम की ओर से आपूर्ति संबंधी फाॅल्ट को ठीक करने के दौरान कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग करने की सलाह तो दी जा रही है, लेकिन स्थिति यह है कि ज्यादातर बिजलीकर्मी आधे अधूरे सुरक्षा उपकरणों के साथ काम करने को मजबूर है। 

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लिहाजा उपकरणों के अभाव में जरा सी असावधानी से दुर्घटना के शिकार हो रहे हैं। शहर में पिछले तीन महीने में ऐसी पांच घटनाएं हो चुकी हैं जब कर्मचारी काम करने के दौरान घायल हुए हैं। 

बिजली निगम की ओर से लापरवाही में जिन अधिकारियों पर कार्रवाई की गई, उसमें भी सुरक्षा उपकरणों का पालन न करवाने का जिक्र किया गया है। शहर से लेकर गांव तक कहीं ट्रांसफाॅर्मर जलने की समस्या होती है तो कहीं तार टूटकर गिर जाता है। 
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इसके बाद उपकेंद्रों से कर्मचारियों को फाॅल्ट दूर करने के लिए भेजा जाता है। अधिकांश जगहों पर पोल पर चढ़कर काम करने के साथ ही ट्रांसफाॅर्मर बनाने सहित अन्य कामकाज करने वाले कर्मचारियों के हाथ में बस प्लायर, ग्लव्स और सेफ्टी बेल्ट ही दिखता है। कर्मचारियों को जो सुरक्षा उपकरण मिलते हैं, उसको लेकर वह काम करते हैं। 

विद्युत मजदूर पंचायत के मीडिया सचिव अंकुर पांडेय ने कहा कि कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण दिए जाने की मांग समय-समय पर की जाती रही है, इसके बाद भी उपकरण नहीं दिए जाते हैं। उपकेंद्रों पर सुरक्षा उपकरणों का अभाव है। यहां तक कि कर्मचारी को ही ग्लव्स, प्लायर खरीदना पड़ता है। ऐसे में अधिकारियों को सभी उपकेंद्रों पर मानक के अनुसार सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाएं, जिससे कि घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।

बोले अधिकारी
उपकेंद्रों की ओर से तैनात संविदा कर्मचारियों को फाॅल्ट दूर करने सहित अन्य कार्यों के लिए मानक के अनुसार सुरक्षा उपकरण मुहैया करवाए जाते हैं। इसके लिए एसडीओ, जेई को निगरानी करते रहने को कहा गया है, जिससे कि घटनाओं पर अंकुश लग सके। - अनिल वर्मा, मुख्य अभियंता

करंट लगने की कुछ प्रमुख घटनाएं
  • 01 फरवरी 2025- लंका के रश्मिनगर में संविदाकर्मी अनिल आजाद करंट लगने से घायल हो गया।
  • 27 मार्च 2025- ठठरा उपकेंद्र पर काम करने के दौरान राजीव रंजन पाठक घायल हो गया
  • 31 मार्च 2025- नरिया उपकेंद्र के अंतर्गत लंका क्षेत्र में काम करने के दौरान रविशंकर घायल हो गया।
  • 03 अप्रैल 2025- कैंट क्षेत्र के विजय नगर काॅलोनी में केबल बॉक्स बनाने के दौरान गोविंद का हाथ जला।
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बैठक में नेताओं ने उठाए सवाल, कार्रवाई की मांग
विद्युत मजदूर संगठन और विद्युत संविदा मजदूर संगठन की बैठक में पूर्वांचल अध्यक्ष इंद्रेश कुमार राय सहित कई संगठन के पदाधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए। इसमें इंद्रेश कुमार ने कहा कि चार दिन पहले बरईपुर में संविदाकर्मी राजीव रंजन पाठक के काम करते समय घायल होने के मामले में जेई, एसडीओ को निलंबित किया गया।

संगठन के पूर्वांचल महामंत्री वेद प्रकाश राय ने संविदा कर्मियों के फेस अटेंडेंस की व्यवस्था का विरोध जताया। नियमानुसार सुपरवाइजर हर पावर हाउस पर नियुक्त होना चाहिए और उसके द्वारा ही संविदा कार्मिकों का अटेंडेंस होनी चाहिए। बैठक में संदीप कुमार, उदय प्रताप सिंह, संजय सिंह, संतोष कुमार सिंह, अरविंद कुमार यादव मौजूद रहे।
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