11 मार्च को चुनाव परिणाम आने के साथ ही यह भी साफ हो जाएगा कि पूर्वांचल के बाहुबली कितने पानी में हैं। इस बार पूर्वांचल में बाहुबलियों की प्रतिष्ठा खुद के चुनाव के साथ ही सगे-संबंधियों के चलते भी दांव पर है।
पूरब की सियासत के जानकारों का कहना है कि अगर बाहुबली विधानसभा चुनाव जीत गए और उनके सगे संबंधी हार गए तो भी उनकी किरकिरी होगी। यदि सगे संबंधी जीत गए और वे खुद हार गए तो उनके रसूख के लिए इससे ज्यादा बुरा कुछ और नहीं होगा।
वाराणसी सेंट्रल जेल में निरुद्ध एमएलसी बृजेश सिंह के भतीजे सुशील सिंह चंदौली के सैयदराजा विधानसभा से बसपा प्रत्याशी हैं।
जेल में होने के कारण बृजेश का चुनाव प्रचार कर पाना असंभव है मगर उनकी पत्नी पूर्व एमएलसी अन्नपूर्णा सिंह चुनाव प्रचार में कमी नहीं होने दे रही हैं।
जेल में मुलाकातियोें से मिलने वाली जानकारी के आधार पर बृजेश भी चुनावी समीकरण फिट कर रहे हैं। मऊ जिले की सदर विधानसभा से बृजेश के धुर विरोधी मुख्तार अंसारी बसपा प्रत्याशी है।