बड़ागांव। हसनपुर ग्राम सभा में विकास ही चुनावी मुद्दा बनेगा। हालांकि एक तरफ वर्तमान प्रधान गांव में भरपूर विकास कराने का दावा कर रहे हैं। वहीं वो मानते भी हैं कि अभी कई समस्याएं गांव में हैं जिसके लिए उन्हें समय कम पड़ गया।
वहीं ग्रामीण प्रधान की बात से अलग गांव में जलनिकासी की समस्या को बारे में बताते हैं। कहते हैं कि हसनपुर बाजार की बस्ती में नाला जाम होने के कारण जलजमाव हो रहा था। जिसे पूर्व प्रधान ने ग्रामीणों की मदद से साफ कराया। इन सबके बीच दिलचस्प ये है कि पंचायत चुनाव की अधिसूचना भले ही जारी नहीं हुई है। लेकिन गांव चुनावी चौसर बिछ गई है। चट्टी चौराहों पर गांव के विकास और मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चा शुरू है।
गौरतलब है कि गांव की आबादी 3000 है और मतदाताओं की संख्या ढाई हजार है। इस बीच वर्तमान प्रधान भी अपनी दावेदारी पेश करने की जुगत में हैं। जबकि अन्य दावेदार अपने पक्ष में माहौल बनाने में जुटे हैं। ग्राम पंचायत में परिसीमन, जातिगत आरक्षण को लेकर भी दावेदार तैयार हैं। कई दावेदारों ने बताया कि अपने मनपसंद के आरक्षित श्रेणी के उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारेंगे। गांव में आवास, खड़ंजा, जलनिकासी जैसी समस्या है।
गांव का विकास करवाया। शौचालय बनवाने के साथ तालाब का सुंदरीकरण करवाया है। कई हैंडपंप को ठीक और रिबोर कराया है। सरकार की योजनाओं का क्रियान्वयन बखूबी कराया। कुछ समस्याएं हैं। जिन्हें पूरा कराने के लिए समय कम मिला है। -फूलचंद सरोज प्रधान हसनपुर
गांव में पात्रों को मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। मुसहर बस्ती में आवास बनाने का काम शुरू था, लेकिन अभी निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ। गांव में जल निकासी की समस्या है जिसको लेकर कई बार कहा गया है।- मनीष, ग्रामीण
सबसे बड़ी समस्या आवास की है। मुख्यमंत्री आवास योजना का लाभ पात्रों को नहीं मिला। 5 साल पहले जैसे गांव था वैसे अभी है। कोई विशेष विकास कार्य नहीं हुआ है, जिसकी चर्चा की जा सके। पंचायत चुनाव में समस्याओं को मुद्दा बनाया जाएगा। -विशाल विश्वकर्मा, हसनपुर
पहले जो विकास कार्य किया गया है, वही गांव में दिखाई पड़ रहा है। कोई नया निर्माण कार्य गांव में नहीं हुआ है। गांव में जल निकासी की समस्या दूर कराई। पुराने खड़ंजे को ही रिपेयर किया गया है। इसकी जांच होनी चाहिए। यह सभी चुनाव में मुद्दे होंगे। -लव सिंह, पूर्व प्रधान