वाराणसी। चौकाघाट स्थित कालीजी मंदिर के समीप बदमाशों की गोली का शिकार हुए ट्रॉली चालक बाल्मीकि गौड़ की हत्या के बाद उसका परिवार पूरी तरह से उजड़ गया है। शनिवार की दोपहर चौकाघाट कालीजी मंदिर के पीछे किराये के मकान से महिलाओं का विलाप सुनाई दे रहा था। मुखाग्नि देने वाले बाल्मीकि के पुत्र आकाश ने बिलखते हुए कहा कि पापा की मौत के बाद अब मां और दो बहनों को कैसे संभालूंगा... कैसे बहनों की शादी करूंगा। पिता थे तो सिर पर उनका हाथ था, उनके जाने के बाद हम लोग तो अनाथ हो गए...।
उधर, बाल्मीकि की पत्नी रीता की हालत बेसुधों जैसी है। वह रह-रह कर बार-बार यही रट रही थी कि कहां चले गए हमारे राम... काश कि कल वह काम पर न गए होते...। चंदौली के टांडा कला गांव का मूल निवासी बाल्मीकि गौड़ पत्नी रीता, पुत्र आकाश, बेटी आरती और आंचल के साथ कई वर्षों से चौकाघाट इलाके में किराये पर रह कर ट्रॉली चलाते थे। बेटे आकाश ने बताया कि शुक्रवार को पापा घर के पास ट्रॉली खड़ा कर सड़क पर लगे नल से वह पानी पी रहे थे। तभी बदमाशों की फायरिंग में उन्हें गोली लग गई। पड़ोसी और सपा नेता सत्यनारायण यादव समेत अन्य लोगों ने बताया कि बाल्मीकि काफी मिलनसार स्वभाव के थे।
वहीं, बदमाशों की गोली से घायल नेपाली बाग में रहने वाले दीपक गौड़ को मलदहिया स्थित निजी अस्पताल से बीएचयू अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दीपक की रीढ़ में गोली लगी थी और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है।
किराये के एक कमरे में रहता है पूरा परिवार
बाल्मीकि गौड़ का परिवार किराये के एक कमरे में रहता है। बड़ी बेटी आरती कक्षा नौ में और छोटी बेटी आंचल कक्षा सात में पढ़ती है। बेटा आकाश बिजली का काम करके घर के खर्च में हाथ बटाने का काम करता है। पत्नी रीता आसपास के घरों में झाड़ू-पोछा लगाती है।
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हाल में जेल से छूटे बदमाशों की खंगाली जा रही कुंडली
वाराणसी। चौकाघाट में दो लोगों की हत्या और एक के हत्या के प्रयास के मामले में हाल में जेल से जमानत पर छूटे बदमाशों की कुंडली भी खंगाली जा रही है। वकालत करने वाले अभिषेक ने अपने कई करीबियों को जेल से जमानत पर रिहा भी करवाया था। वहीं, विरोधी खेमे के कुछ बदमाशों को उसने अपने तिकड़म से जेल भी पहुंचाया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, अभिषेक सिंह प्रिंस से नाराज कुछ बदमाश हाल ही में जेल से छूट कर बाहर आए थे। पुलिस हाल में जमानत पर छूटे उन बदमाशों की भी तलाश कर रही है जो शूटर के तौर पर कुख्यात हैं।
पहले भी हुए डबल मर्डर, कई घटनाओं का खुलासा बना है चुनौती हिस्ट्रीशीटर अभिषेक और बाल्मीकि की हत्या से पहले भी शहर में दोहरे मर्डर की घटनाएं हो चुकी हैं। इससे पहले 21 सितंबर 2019 को सरायगोवर्धन कालीमहाल में तीर्थ गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। 21 जून 2019 को रोहनिया थाना के जगतपुर में हिस्ट्रीशीटर हरेंद्र और रुचि की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। तीन मई 2018 को सारनाथ के रजनहिया में शराब ठेके के समीप फूफा-भतीजा की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। 18 फरवरी 2017 को भेलूपुर थाना अंतर्गत बिरदोपुर में सास-बहू की हत्या कर दी गई थी। वहीं, पुलिस की चुनौतियों की बात करें तो बीते 13 अगस्त की रात लंका थाना के इंद्रा नगर में रिटायर्ड शिक्षक के बेटे की हत्या, रामनगर में किशोर की हत्या, सारनाथ क्षेत्र में युवक की हत्या, मंडुवाडीह क्षेत्र की दो वृद्ध महिलाओं को अगवा कर हत्या और शिवपुर स्थित सदर तहसील परिसर में बस संचालक की हत्या जैसे कई मामले ऐसे हैं, जिनका आज तक खुलासा नहीं हो सका है। इन घटनाओं का खुलासा करना जिला पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।