जयनंदन अक्सर शराब पी कर हंगामा करता था। इस बात को लेकर थाने में पंचायत भी हुई थी। प्रहलाद इस बात का बदला लेना चाहता था। आज जब मौका मिला तो उसने अनुज पर हमला कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर एस पी सिटी, सी ओ कोतवाली आदि भी मौके पर पहुंच गए और प्रह्लाद से पूछताछ की। अनुज की मौत के बाद घर मे कोहराम मच गया। अनुज की एक छोटी बहन पंखुड़ी है। मां प्रीति सिंह बदहवास हो गई थी।
घटना के बाद रामनगर में अफरातफरी मच गई। घटनास्थल के बाद आसपास की दुकाने शोक मे बंद हो गई। बताया जाता है लगभग चालीस वर्ष पहले प्रह्लाद के पिता जयनंदन को पाटीदारों ने बसाया था। जिस प्रहलाद ने विवेक के घर के चिराग को हमेशा के लिए बुझा दिया उसके पिता जयनन्दन को विवेक सिंह के पाटीदारों ने ही बिहार से लाकर काम दिया था और बसाया था।
विवेक सिंह के घर के बगल मे ही कुर्सी आदि रखकर प्रह्लाद नाई का काम करता था, लेकिन बदले की आग में जल रहे प्रह्लाद ने दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी और मासूम को मार डाला। विवेक के पिता मधुकर और विवेक सिंह रामनगर किले में रसोईये का काम करते थे। इधर अनुज ठाकुर उर्फ बद्दू की मौत के बाद नगर पालिका परिषद रामनगर बोर्ड की प्रस्तावित बैठक शोक सभा करने के बाद स्थगित कर दी गई।