तब तक सूचना पाकर बड़ागांव इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी भी मौके पर पहुंच गए। हादसे में घायल एक ही परिवार के राजू, राजा बाबू और गांव के टीपू को चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलते ही मृतकों के परिवारों में कोहराम मच गया। ग्रामीण और परिजन अस्पताल में जुट गए। वहीं घायल वैस और मुस्लिम की हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस के अनुसार हेलमेट पहने होते तो शायद इतनी चोटें नहीं आती। दोनों बाइक सवार बगैर हेलमेट के थे।
एक ही गांव के तीन लोगों की मौत से बसनी रामपुर में कोहराम की स्थिति है। ईंद की खुशियां मातम में बदल गईं। दो बेटों की मौत से मुख्तार अली सहित परिवार के सभी सदस्य सदमे में रहे। मुख्तार के परिजनों के अनुसार बड़ा बेटा राजू ईद मनाने के लिए सूरत से आया था, वह वहां साड़ी बुनाई का काम करता था। जबकि छोटा बेटा राजा बाबू कक्षा पांचवीं का छात्र था। छोटे भाई को ईद के लिए कपड़ा खरीदवाने जा रहा था। खुदा ने यह कैसा अनर्थ कर दिया।
वहीं गांव के निक्की अली का पुत्र टीपू अली की मौत से परिवार वाले सदमे में रहे। पिता निक्की के अनुसार काश वह एक साथ बाइक से नहीं जाता। उधर, मुबारक का पुत्र वैस अली व गुड्डू के पुत्र मुस्लिम की हालत चिंताजनक बनी हुई है। दोनों के सिर और चेहरे बुरी तरह जख्मी है। इंस्पेक्टर अश्विनी चतुर्वेदी ने बताया कि घायलों का उपचार कराया जा रहा है। वहीं, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम को भिजवाया गया।