फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार होगा चुनाव में मुद्दा

विज्ञापन
विज्ञापन
विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों में चुनावी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चुनाव में मुख्य भूमिका निभाने वाले युवा भी जनप्रतिनिधियों के चयन को लेकर प्राथमिकता तय करने लगे हैं। बृहस्पतिवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय के विश्वनाथ मंदिर के गेट पर छात्रों ने चुनाव पर बेबाकी से अपनी बातें रखी। विभिन्न संकायों के युवाओं का मानना है कि आगामी चुनाव में शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार प्रमुख मुद्दा होगा। जिस तरह से इस समय बेरोजगारी बढ़ी है, उससे निजात दिलाने वाला जनप्रतिनिधि ही चाहिए। कोरोना काल में जिस तरह की समस्याएं आईं उससे यह स्पष्ट हो गया कि सरकारी सेवा ही इस तरह की विपरीत परिस्थितियों में काम आएगी। निजीकरण किसी भी प्रकार से समाज के हित में नहीं हो सकता।
विज्ञापन

चुनाव में रोजगार दिलाने वाली सरकार का चयन करूंगा। अब तक की सरकारों ने युवाओं को छला है। वोट के नाम पर केवल लोक लुभावन वादे ही किए जाते हैं, उसके बाद नेता भूल जाते हैं। - शशांक
शहर की अपेक्षा गांवों में भी स्वास्थ्य और शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। जिससे कि लोगों को इन सुविधाओं के लिए भागदौड़ न करनी पडे़। इस बार चुनाव में यहीं मुख्य मुद्दा होगा। - संजय कुमार
विज्ञापन

शिक्षण संस्थानों से डिग्रियां मिलने के बाद भी युवा रोजगार के लिए इधर-उधर भटकते रहते हैं। चुनाव में जो युवाओं को रोजगार दिलाने की दिशा में कार्य करेगा, उसी को अपना वोट देंगे। - अनुराग यादव
जिस तरह से संस्थाओं का निजीकरण किया जा रहा है, वह गलत है। शिक्षा, चिकित्सा जैसे क्षेत्र को निजी क्षेत्र में देने से परेशानी होगी। इस पर अंकुश लगाने वाला जनप्रतिनिधि ही चुनेंगे। - विकास राय
चुनाव से पहले तो सभी प्रत्याशी शिक्षा, रोजगार दिलाने का जो दावा करते हैं, वो पूरा नहीं करते हैं। यहीं कारण है कि समस्या जस की तस बनी रहती है। इससे निजात दिलाने की जरूरत है। - अभिमन्यू
युवाओं को मिलने वाली सुविधाओं की ओर सरकार को विषेश ध्यान देना चाहिए। समय से छात्रवृत्ति मिल जाए और रोजगार के अधिक अवसर दिलाने वाले को ही हमारा वोट जाएगा। - शुभम सिंह
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें