वाणिज्य कर विभाग की ओर से समय-समय पर कर भुगतान के लिए लोगों को प्रेरित किया जाता है, इसके बाद भी कर चोरी पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पा रहा है। बिना ई वे बिल के धड़ल्ले से रेलवे स्टेशन सहित अन्य माध्यमों से यहां सामान लेकर लोग आ रहे हैं। कर चोरी के लिए किए जा रहे इन प्रयासों से ऐसा करने वाले भले ही अपने मंसूबे में कामयाब हो जा रहे हें लेकिन इससे वाणिज्य कर विभाग को करोड़ों की चपत लग रही है। अब इस पर अंकुश लगाने के लिए ही विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया जा रहा है।
दिल्ली, मुंबई, लुधियाना, कोलकाता आदि जगहों से बड़े पैमाने पर रेडिमेड गारमेंट, होजरी सहित अन्य सामान ट्रेन सहित अन्य माध्यमों से आते हैं। नियमानुसार सामानों को खरीदकर लेकर आने के लिए जीएसटी से जुड़े पूरे कागजात का होना चाहिए। जिस तरह से पिछले दिनों कैंट रेलवे स्टेशन के पार्सल घर में बिना ई वे बिल के सामान पकड़े गए और पूछताछ में मौके से 730 सामानों के कागजात नहीं मिले, जिसके बाद विभाग ने इसे जब्त कर लिया। इस तरह की घटना के बाद अब विभाग सतर्क हो गया है। अब न केवल कैंट रेलवे स्टेशन के पार्सल घर बल्कि अन्य जगहों पर भी विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। इसके पीछे जीएसटी के नियमों का पालन कराने के साथ ही कर चोरी पर अंकुश लगाना है।
पिछले दिनों कैंट रेलवे स्टेशन पर चली कार्रवाई में जिस तरह की गड़बड़ियां मिलीं हैं, इसके बाद पार्सल घर पर विशेष नजर रखी जा रही है। अब तक जो कर चोरी मिली है, इस मामले में 90 लाख रुपये जमा कराए जा चुके हैं। करीब 30 लाख रुपये और भी जमा होने के आसार हैं। - प्रदीप कुमार, एडिशनल कमिश्नर, वाणिज्य कर