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Durga Puja 2024: शिव की काशी का कण-कण हुआ शक्तिमय, माता के भजनों से गूंज रहे पंडाल; तीन दिनों तक रहेगी धूम

Thu, 10 Oct 2024 12:31 AM IST
प्रगति चंद अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

महादेव की काशी में दुर्गा पूजा पर हर तरफ शक्ति की आराधना करते लोग दिख रहे हैं। कहीं सप्तशती के ओजस मंत्र तो कहीं माता के भजनों से पंडाल गूंज रहे हैं। 
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Durga Puja 2024 - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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कण-कण शंकर की नगरी काशी बुधवार को शक्तिमय हो उठी। कलश पूजन के साथ ही पंडालों में माता का आह्वान किया गया और प्रतिमाओं के पट खुल गए। शहर से लेकर गांव तक मां दुर्गा के जयकारों से पूजा पंडाल गूंज रहे थे। शाम ढलते ही शहर की गलियां पंडालों से जुड़ने लगी और हर तरफ भीड़ का रेला ही नजर आ रहा था। पंडालों में प्रतिमाओं के पट खुलते ही काशी उत्सव में डूब गई। अब तीन दिनों तक काशी अनवरत रात भर जागेगी।

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Durga Puja 2024 - फोटो : अमर उजाला
कहीं काशी के कोतवाल, कहीं केदारनाथ का धाम, कहीं प्रेम मंदिर, कहीं शीशमहल तो कहीं स्वर्वेद मंदिर। मंदिरों के शहर में दुर्गा पंडाल मंदिरों के रूप में सजे और रंग-बिरंगी रोशनी से नहा उठे। शाम को नयनाभिराम पंडालों में मां दुर्गा की आकर्षक छवि को निहारने के लिए देर शाम बाद लोगों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कई पंडालों में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की भी धूम रही। 

Durga Puja 2024 - फोटो : अमर उजाला
कहीं पर देवी पाठ तो कहीं पर देवी गीतों की स्वरलहरियां गूंजती रहीं। राजघाट से लेकर मैदागिन, लहुराबीर, चेतगंज, नई सड़क, जगतगंज, गोदौलिया, जंगमबाड़ी, शिवपुर, अर्दली बाजार, रेशम कटरा, चौक समेत पूरा शहर गुलजार हो गया। भीड़ का दबाव ऐसा बढ़ा कि देर शाम के बाद लहुराबीर चौराहे से नईसड़क जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों का प्रवेश रोक दिया गया था। 

भीड़ के मद्देनजर पंडालों में बैरिकेडिंग की गई थी। जिले के 648 पंडालों में कलश पूजन के बाद माता के दर्शन आरंभ हो गए। विशेश्वरगंज से मच्छोदरी, मुकीमगंज से प्रहलादघाट तक विद्युत झालरों की भव्य सजावट की गई है। इस बार शहर में बांग्ला शैली में कई मूर्तियां स्थापित की गई हैं।

पूर्वांचल की सबसे ऊंची प्रतिमा के हो रहे दर्शन
शिवपुर स्थित मिनी स्टेडियम में इस बार वृंदावन के प्रेम मंदिर के तर्ज पर पंडाल बनाया गया है। इसके अलावा हथुआ मार्केट के प्रसिद्ध प्रीमियम बॉयज क्लब पंडाल को स्वर्वेद मंदिर का स्वरूप दिया गया है। नई सड़क स्थित सनातन धर्म इंटर कॉलेज में जयपुर का प्रसिद्ध शीश महल बनाया गया है। पंडाल के अंदर नारी सशक्तीकरण और बाबा विश्वनाथ पर आधारित शो भी प्रस्तुत किया जा रहा है। यहां पूर्वांचल की सबसे ऊंची मां दुर्गा की 24 फीट ऊंची प्रतिमा के दर्शन हो रहे हैं।
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70 फीट का सिंगापुर का गोल्डेन टेंपल है आकर्षण का केंद्र
पूजा पंडालों में माता के पट खुलते ही ग्रामीण कस्बों में शक्ति की आराधना के रंग और भी चटख हो गया। चौबेपुर बाजार में शाम ढलते ही प्रियदर्शनी मां दुर्गा पूजा समिति की तरफ से सड़क के किनारे सजाई गई रंग बिरंगी लाइट और झालरों से रंगत बदल गई थी। पंडाल में सिंगापुर के गोल्डन टेंपल के रूप में 70 फीट लंबा और 40 फीट चौड़ा पूजा पंडाल सजाया गया है। इसी तरह धौरहरा, चंद्रावती कैथी, अजांव, डुबकिया, मुनारी, उमरहां में भी पूजा पंडालों में शाम से ही दर्शन पूजन करने वाले श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। वहीं, मिर्जामुराद क्षेत्र के बेनीपुर गांव स्थित नई बाजार, गौर, चक्रपानपुर, अदमापुर, लक्षापुर मनकईया व खालिसपुर समेत अन्य क्षेत्र के 29 गांवों के पंडालों में प्राण प्रतिष्ठा के साथ ही प्रतिमाओं के पट खुल गए।
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