कोरोना से बचाव के लिए प्रभावी लॉक डाउन में बड़ी शीतला माता के धाम में तीन सौ सालों से चली आ रही महोत्सव की परंपरा इस बार आनलाइन निभाई जाएगी। शीतला महोत्सव का आयोजन सांकेतिक रूप से लॉक डाउन के पालन के साथ होगा। सोमवार से शुरू होने वाले शीतला महोत्सव की परंपरा महंत परिवार केवल महाआरती करके ही निभाएगा। मंदिर के महंत पं. शिवप्रसाद पांडेय ने बताया कि तीन सौ सालों से भी अधिक समय से चली आ रही महोत्सव की परंपरा को लॉकडाउन के कारण सांकेतिक किया गया है। मां की विराट आरती चतुर्दशी तिथि सोमवार की रात में सिर्फ महंत परिवार की उपस्थिति में होगी।
मंदिर के महंत पंडित शिवप्रसाद पांडेय ने आम दर्शनार्थियों से माता का दर्शन घर से ही करने की अपील की है, जो भी भक्त पूजा-आराधना करना चाहते हैं वो अपने घर से ही करें। हर घर के छत से एक लोटा धार, जिसमें फूल, रोरी, पंचमेवा, लौंग डालकर मां को समर्पित करते हुए कपूर की आरती करें। मां शीतला हर रोग-व्याधि को हर लेती है। मंदिर में आम दर्शनार्थियों के लिए प्रवेश वर्जित रहेगा। भक्तगण घर में ही रहें।
महोत्सव में ठुमरी सम्राट स्व. पं. महादेव मिश्र, तान सम्राट स्व. पं अमर नाथ मिश्र, स्व. पं पशुपति नाथ मिश्र, तबला सम्राट स्व. पं. अनोखे लाल, स्व. प: कुमार लाल मिश्र सहित काशी के मूर्धन्य कलाकार स्वयं एक इलायची से दूसरे कलाकारों को आमंत्रित करते थे। अपनी प्रस्तुति हाजिरी के रूप में नि:शुल्क दिया करते थे।
भोजपुरी गायक भरत शर्मा व्यास, दिल्ली के सांसद व गायक मनोज तिवारी मृदुल, भजन गायक नंदू मिश्रा, डॉ. अमलेश शुक्ला, अजय अजनबी, गोपाल राय, मदन राय सहित शास्त्रीय कलाकार भी माता के दरबार में हाजिरी लगाते रहे हैं। इस बार अधिकतर कलाकार लॉक डाउन का पालन करते हुए फेसबुक लाइव पर भक्तिमय कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे। सभी कलाकारों का सम्मान पंडित राजेश तिवारी द्वारा अगले आयोजन में किया जाएगा।