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चौकाघाट दोहरे हत्याकांड की साजिश में शामिल तीन आरोपी गिरफ्तार

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वाराणसी। चौकाघाट के दोहरे हत्याकांड के 21 दिन बाद बृहस्पतिवार को पुलिस ने वारदात की साजिश रचने में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों की शिनाख्त सारनाथ थाना के बेनीपुर निवासी नवीन सिंह उर्फ आयुष, जौनपुर के जलालपुर थाना के सलेमपुर निवासी प्रभाकर उपाध्याय और परसाईपुर निवासी शाश्वत सिंह उर्फ गोलू के तौर पर हुई है। तीनों के पास से एक बाइक, 3600 रुपये और तीन मोबाइल बरामद हुआ है।
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पुलिस को अब वारदात में शामिल 25-25 हजार के इनामी रवि प्रकाश सिंह, हेमंत सिंह, अतुल विश्वकर्मा व विजेंद्र सिंह उर्फ बब्बू और शूटरों की तलाश है। बीती 28 अगस्त को चौकाघाट स्थित कालीजी मंदिर के समीप कैंट थाने के हिस्ट्रीशीटर अभिषेक सिंह प्रिंस सहित दो लोगों की हत्या कर दी गई थी। साथ ही प्रिंस के दोस्त की हत्या का प्रयास किया गया था। इस वारदात के सूत्रधार विवेक सिंह कट्टा ने सोमवार को जौनपुर की अदालत में समर्पण कर दिया था। विवेक को बनारस लाने की जैतपुरा थाने की पुलिस की अर्जी पर शुक्रवार को अदालत सुनवाई करेगी। पुलिस लाइन में एसपी सिटी विकास चंद्र त्रिपाठी ने बृहस्पतिवार को बताया कि इंस्पेक्टर जैतपुरा शशिभूषण राय और क्राइम ब्रांच प्रभारी अश्वनी पांडेय ने टीम के साथ सर्विलांस और मुखबिरों की मदद से वारदात की साजिश रचने में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार प्रभाकर के ट्यूबवेल पर बनी थी हत्या की योजना
गिरफ्तार प्रभाकर ने पुलिस को बताया कि विवेक कट्टा और प्रिंस की वर्ष 2013 से रंजिश चल रही थी। बीती 21 अगस्त को उसके ट्यूबवेल पर विवेक सिंह कट्टा, रवि प्रकाश सिंह, विजेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, अतुल विश्वकर्मा, शाश्वत सिंह, नवीन सिंह और एक शूटर ने बैठकर प्रिंस की हत्या की योजना बनाई। इसके बाद वह और अन्य लोग गणेशपुर तरना स्थित फ्लैट पर इकट्ठा हुए। 28 अगस्त को अतुल विश्वकर्मा अपाचे बाइक से, विजेंद्र सिंह सुपर स्प्लेंडर बाइक से और विवेक सिंह कट्टा, हेमंत सिंह, रविप्रताप सिंह व शूटर रवि स्विफ्ट कार से निकले। मकबूल आलम रोड पर रुक कर प्रिंस के घर से बाहर निकलने का इंतजार किया गया। जब प्रिंस अपने साथी के साथ बाइक से मकबूल आलम रोड पर आ गया तो उसका पीछा किया गया। रास्ते में शूटर कार से उतरकर विजेंद्र की बाइक पर बैठ गया। चौकाघाट कालीजी मंदिर के समीप मौका पाकर शूटर ने फायरिंग की। प्रभाकर ने बताया कि वारदात के बाद हम तीनों ने विवेक सिंह कट्टा, रवि प्रकाश सिंह, विजेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, अतुल विश्वकर्मा और शूटर को छुपाने व भगाने में मदद की। विवेक को न्यायालय में हाजिर कराने में भी सहयोग किया। बृहस्पतिवार को तीनों बिहार निकलने की तैयारी में थे, उससे पहले ही पकड़ लिए गए।
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वारदात से दो दिन पहले मोबाइल कर दिया था स्विच ऑफ
एसपी सिटी ने बताया कि वारदात से दो दिन पहले विवेक के जौनपुर के लोहगाजर स्थित घर पर भी सभी आरोपियों ने बैठक की थी। इसके बाद सभी ने मोबाइल स्विच ऑफ कर नया मोबाइल और सिम इस्तेमाल करना शुरू कर दिया था। गिरफ्तार तीनों आरोपियों का मोबाइल फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा। कारण कि तीनों मोबाइल से विवेक से वारदात के पहले और बाद में काफी बातचीत हुई है। लोहगाजर से पहले सभी ने आजमगढ़ के मेहनगर में भी बैठक की थी और प्रिंस की गतिविधियों पर नजर रखने की बात तय हुई थी। यह भी कहा गया था कि प्रिंस को सुनसान स्थान पर गोली मारी जाए, ताकि भागने में दिक्कत न आए।
नौ शरणदाता चिह्नित, गैंगेस्टर एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
एसपी सिटी ने बताया कि वारदात के बाद आरोपियों को शरण देने वाले नौ लोग चिह्नित किए गए हैं। इन सभी के खिलाफ ठोस साक्ष्य के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। साथ ही वारदात में शामिल शूटर, साजिशकर्ताओं और इन सबको शरण देने वालों के खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोहरे हत्याकांड से संबंधित कोई भी आरोपी बच नहीं पाएगा।
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