सोने का वजन 4641.430 ग्राम रहा। सीमा शुल्क अधिनियम के तहत सोना को जब्त करते हुए आरोपी सुदीप को ट्रेन से उतार लिया गया। अधिकारियों की पूछताछ के दौरान सुदीप ने बताया कि यह सोना नई दिल्ली पहुंचाना था। सोना डिब्रूगढ़ स्टेशन पर ही दिया गया था।
कस्टम अधिकारियों के अनुसार बरामद सोने की कीमत दो करोड़ 28 लाख 35 हजार रुपये आंकी गई है। आरोपी से पूछताछ के आधार पर इस धंधे में शामिल अन्य तस्करों के बारे में जानकारियां जुटाई जा रही हैं।
यह पहला ऐसा मामला नहीं है कि ट्रेन से सोना पकड़ा गया, इसके पहले भी डीआरआई और जीआरपी सोना पकड़ती आई है। डीआरआई की पूछताछ में आरोपी सुदीप ने बताया कि यह सोना म्यांमार के मोरेह बार्डर से लाया गया था। उत्तर-पूर्व के चार राज्यों से म्यांमार की सीमा सटे होने के कारण तस्करों के लिए मोरेह बार्डर सबसे मुफीद साबित होता है।
मोरेह से इंफाल, असम के सिल्चर या फिर नागालैंड के दीमापुर लाया जाता है। इसके बाद कोलकाता से सड़क और रेलवे के रास्ते विभिन्न प्रांतों में सोना पहुंचाया जाता है। हालांकि इसमें सिर्फ एजेंट और डिलिवरी ब्वाय ही पकड़े जाते हैं, जो सिर्फ महज दस से बीस हजार रुपये के लिए कोलकाता से नई दिल्ली तक सोना को पहुंचाते हैं।