डॉ. लहरी को विशेष चिकित्सीय निगरानी में रखा गया है। कुलपति, आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक को प्रो लहरी से संबंधित ई-मेल मिला था। चिकित्सा अधीक्षक ने डॉ. टीके लहरी के साथ किसी भी प्रकार की मारपीट और दुर्व्यवहार को तथ्यहीन बताया है। ईमेल प्राप्ति के बाद आईएमएस निदेशक और चिकित्सा अधीक्षक डॉ लहरी से मिलने वार्ड पहुंचे और उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली।
चिकित्सा अधीक्षक ने 3 सितंबर को ह्रदय रोग, सामान्य मेडिसिन, मनोचिकित्सा, वृद्धावस्था रोग, न्यूरोलोजी, क्रिटिकल केयर, टीबी और छाती रोग के विशेषज्ञ चिकित्सकों को निर्देश दिया था और कहा था कि डॉ लहरी के स्वास्थ्य जांच की जांच की जाए।
एसोसिएट प्रोफेसर ने क्या मेसेज किया
लगभग 4-5 महीनों से प्रो. लहरी उनकी देखरेख और मेडिकल बोर्ड टीम की निगरानी में भर्ती हैं। बेड पर किए गए मल की सफाई के दौरान उन्होंने बिल्कुल भी सहयोग नहीं किया। वे सफाई करने वाले कर्मचारी को मल साफ नहीं करने दे रहे थे। वे लगातार मेरे और सफाई कर्मचारी के चेहरे पर थूक रहे थे। उन्हें बलपूर्वक रोकने की कोशिश की गई (थप्पड़ नहीं मारा गया) जिससे कि सफाई की प्रक्रिया पूरी हो सके। इस घटना से मुझे भी बहुत दुख हुआ। उस समय उन्हें बलपूर्वक रोकने के अलावा और कोई रास्ता नहीं था और ऐसा सिर्फ उनकी सफाई के लिए ही किया गया था।