आईएमए, आईडीए के सदस्य डॉक्टर भी आज से 24 घंटे तक नहीं देखेंगे मरीज
कोलकाता की घटना के विरोध में बीएचयू में रेजिडेंट ने निकाला न्याय मार्च, ओपीडी और वार्ड में नहीं गए रेजिडेंट
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। कोलकाता के आरजी कर अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी के विरोध में आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट की हड़ताल के समर्थन में अब सरकारी और निजी डॉक्टर भी उतर आए हैं। शुक्रवार को सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों ने हाथ पर काली पट्टी बांधकर मरीजों को देखा, वहीं बीएचयू में हड़ताल के पांचवें दिन भी रेजिडेंटों ने ओपीडी के साथ ही वार्ड में अपनी सेवाएं ठप रखी।
हालांकि डॉक्टरों ने इमरजेंसी में अपनी सेवाएं दी। ओपीडी में कंसल्टेंट ने मरीजों को देखा। शाम को रेजिडेंट डॉक्टरों ने बीएचयू सिंहद्वार से संत रविदास गेट तक न्याय मार्च निकाला।उधर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) और इंडियन डेंटल एसोसिएशन (आईडीए) के सदस्यों (निजी डॉक्टर) ने शनिवार सुबह छह बजे से रविवार सुबह छह बजे तक 24 घंटे के लिए अपनी ओपीडी सेवाओं को ठप रखने का निर्णय लिया है।
बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में हड़ताल के पांचवें दिन भी हड़ताल के कारण दूरदराज से आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुछ मरीजों को बिना जांच के ही वापस जाना पड़ा। शुक्रवार को अस्पताल में केवल 25 मरीजों का ही ऑपरेशन हो पाया। दूसरी ओर ऑल इंडिया फेडरेशन ऑफ गवर्नमेंट डॉक्टर एसोसिएशन के आह्वान पर शुक्रवार को प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ से जिला, मंडलीय और महिला अस्पताल में तैनात सरकारी डॉक्टरों ने हाथ पर काली पट्टी बांध कर मरीज देखे।
प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ के सचिव डॉ. आरएन सिंह ने बताया कि कोलकाता की घटना की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। जब तक इस मामले में ठोस कार्रवाई नहीं हो जाती, तब तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन चलता रहेगा। आईएमए वाराणसी शाखा के सदस्यों का विरोध भी जारी है। आईएमए की राष्ट्रीय शाखा के आह्वान पर बृहस्पतिवार को कैंडल मार्च निकालने के बाद अब ओपीडी ठप रखने का फैसला लिया गया है। सभी सदस्य 17 अगस्त की सुबह छह बजे से 18 अगस्त की सुबह छह बजे तक ओपीडी में अपनी सेवा नहीं देंगे। हालांकि इस दौरान डॉक्टरों की इमरजेंसी सेवा जारी रहेगी।
रेजिडेंट ने निकाला न्याय मार्च
आईएमएस बीएचयू के रेजिडेंट ने शुक्रवार को भी बीएचयू अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर में ओपीडी में अपनी सेवाएं नहीं दीं। रेजिडेंट का कहना है कि सरकार सेंट्रल प्रोटेक्शन एक्ट को लागू करने के मामले में कोई ठोस फैसला नहीं ले पा रही है। शाम को आईएमएस बीएचयू के निदेशक कार्यालय के गेट से सिंह द्वार होते हुए रविदास गेट तक डॉक्टरों ने न्याय मार्च निकालकर सरकार से कोलकाता प्रकरण में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की। इसके बाद ट्रामा सेंटर पहुंचकर रेजिडेंट ने नुक्कड़ नाटक का मंचन भी किया।
आज से 24 घंटे तक दंत चिकित्सक भी ओपीडी में नहीं देंगे सेवा
कोलकाता की घटना के विरोध में इंडियन डेंटल एसोसिएशन यानी आईडीए के सदस्य भी सेवा नहीं देंगे। आईडीए वाराणसी शाखा के सचिव डॉ. अमर अनुपम ने बताया कि कोलकाता में पहले महिला डॉक्टर के साथ दरिंदगी हुई। उस पर कोई ठोस करवाई नहीं हुई। मंगलवार की रात दोबारा अस्पताल में घुसकर तोड़फोड़, डॉक्टरों के साथ मारपीट की गई। यह घटना अति निंदनीय है। इसके विरोध में सभी दंत चिकित्सक 24 घंटे के लिए अपनी सेवाएं ठपकर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 17 अगस्त की सुबह छह बजे से 18 अगस्त की सुबह छह बजे तक ओपीडी में कोई भी मरीज नहीं देखा जाएगा।
बीएचयू अस्पताल में हुए केवल 25 आपरेशन
ओपीडी में कुल मरीज - 3469
कुल भर्ती - 51
कुल डिस्चार्ज- 60
इमरजेंसी में मरीज- 53
आपरेशन- 25
रेडियोलाजी में जांच- 219
सीसीआई में जांच- 5908