छापेमारी का माहौल न बनाएं
जिलाधिकारी ने टीम को निर्देश दिया है कि किसी भी अस्पताल, मेडिकल स्टोर, ऑक्सीजन वेंडर आदि की शिकायतों को चेक करने के लिए जाएं तो सभी से इज्जत से पेश आएं। किसी तरह से छापेमारी का माहौल ना बनाएं। इसके लिए केवल एकाउंट्स के रिकॉर्ड, ग्राहकों से ली जाने वाली धनराशि के विवरण, सप्लाई के बिल आदि ही चेक करें।
वर्तमान कमाई के हिसाब से देखें टैक्स लाइबिलिटी
जिलाधिकारी ने बताया कि टीम को निर्देश दिया गया है कि जांच के दौरान जो प्रॉफिट मार्जिन वर्तमान में चार्ज कर रहे हैं, उसके अनुसार पूर्व वर्षों के भी असेसमेंट पुनरीक्षित करने की आवश्यकता है कि नहीं। कुछ अस्पताल या मेडिकल स्टोर की शिकायतें मिली हैं, उस केस के सारे रिकॉर्ड देखे जाएं और अनियमितता हुई है तो उन पर कार्यवाही की जाए। जब तक कोई अत्यंत आपत्तिजनक अनियमितता नहीं मिले तब तक कार्यवाही आर्थिक स्तर पर ही की जाए।
दो अस्पतालों और मेडिकल स्टोर की हुई जांच
जिलाधिकारी ने बताया कि प्रवर्तन की दोनों टीमों ने मंगलवार से काम शुरू कर दिया है। दो अस्पताल तथा दो बड़ी दवा की दुकानों में उनके रिकार्ड्स चेक किए गए। एक दो दिन बाद पुन: इनके रिकॉर्ड चेक किए जाएंगे। इसके बाद असेसमेंट कर अनियमितता की जांच की जाएगी।
आपदा में अवसर तलाशने वालों की लगातार शिकायतें विभिन्न माध्यमों से मिल रही हैं। जनसामान्य से ज्यादा कीमत की शिकायतों पर कड़ी कार्यवाही की जाएगी। टीम प्रतिदिन की कार्रवाई से अवगत कराएगी और उसी आधार पर दंड निर्धारित होगा। - कौशल राज शर्मा, जिलाधिकारी