गाजीपुर शहर कोतवाली क्षेत्र के हमीद सेतु के पास गंगा के किनारे बनाए गए शम्मे हुसैनी अस्पताल पर कभी भी जिला प्रशासन का बुलडोजर गरज सकता है। शुक्रवार को डीएम कोर्ट में सुनवाई के बाद बोर्ड ने अपील को खारिज कर दिया है। इसकी जानकारी होते ही हास्पिटल संचालक सहित जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है।
मऊ के बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी की पत्नी व बेटों के नाम से संचालित गजल होटल और गंगा किनारे बने शम्मे हुसैनी हास्पिटल के ध्वस्तीकरण का आदेश एक पखवारा पहले एसडीएम कोर्ट ने दिया था। इस आदेश के बाद लोग हाईकोर्ट में अपील किए थे।
हाईकोर्ट ने जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दाखिल करने का आदेश जारी किया था। शम्मे हुसैनी हॉस्पिटल के संचालक द्वारा जिलाधिकारी कोर्ट में वाद दाखिल किया गया था। कोर्ट ने एक दिन सुनवाई टालने के बाद शुक्रवार को बोर्ड द्वारा जिलाधिकारी कोर्ट में एनजीटी के नोटिस पर राहत मांगने वाली अपील को खारिज कर दिया। इसके साथ ही शम्मे हुसैनी हास्पिटल व ट्रामा सेंटर पर कार्रवाई का रास्ता फिर खुल गया है। शम्मे हुसैनी को अपील दायर करने के बाद जिलाधिकारी की ओर से 10 दिन की राहत मिली थी। अब फिर चर्चाएं तेज हो गई है कि शम्मे हुसैनी हास्पिटल व ट्रामा सेंटर पर कभी बुलडोजर चल सकता है।