बैरक नंबर नौ में एक कैदी के पास से तीन माचिस की डिब्बियां मिली। पूछने पर बताया कि उसने पूजा के दौरान अगरबत्ती जलाने के लिए रखी है। डीएम ने माचिस रखने की अनुमति न होने की बात कहकर माचिस जमा करा ली। इस दौरान अस्पताल में भर्ती बंदियों से मिलकर उनके इलाज की जानकारी ली।
डीएम ने बंदियों से मिलकर उनके पैरवी के बारे में भी जानकारी ली। महिला पुलिसकर्मियों ने महिला बैरक का निरीक्षण कराया। डीएम ने उनके बच्चों को मिलने वाले दूध, फल आदि दिए जाने की जानकारी ली।
जेल में 332 के सापेक्ष 836 कारागार में बंद मिले। इसमें 83 महिला बंदी थी। इस दौरान नगर मजिस्ट्रेट सुशील लाल श्रीवास्तव, सीओ सिटी सुधीर कुमार, जेल अधीक्षक अनिल राय, जेलर उमेश मिश्रा आदि रहे।