डीरेका में हाई स्पीड ट्रेनों का पूरा सेटअप बनाने की तैयारी
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बुलेट ट्रेन की पीएम मोदी की महत्वाकांक्षी योजना को पंख लगाने की तैयारी वाराणसी डीजल रेल इंजन कारखाना(डीरेका) ने शुरू कर दी है। 394 करोड़ रुपये की लागत से वर्कशॉप को विस्तार देकर उसे हाईस्पीड ट्रेनों के निर्माण के लिहाज से अत्याधुनिक तकनीक और उपकरणों से लैस किया जा रहा है।
यहां अंतरराष्ट्रीय स्तर की कई हाईटेक मशीनें लगाई जा रही हैं जो ऐसे वर्कशॉप के लिए जरूरी होती हैं।
सितंबर 2018 तक यह कार्य पूरा करा लिया जाएगा। उसके बाद हाईस्पीड ट्रेनों के निर्माण से जुड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से तकनीकी साझेदारी के जरिए डीरेका के लिए एक नए युग की शुरुआत होगी। हाईस्पीड ट्रेनों का पूरा सेटअप यहां बनाने की तैयारी है।
डीरेका के विस्तारीकरण योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री ने 2014 में की थी। विस्तारीकरण के बाद डीरेका के अत्याधुनिक वर्कशाप में अधिकतर कार्य रोबोटिक तरीके से किए जाएंगे। कर्मचारियों को रेल इंजनों में लगने वाले पार्ट्स ढूंढकर लाने की जरूरत नहीं होगी।
एक रोबोटिक हाउस बनाया जा रहा है, जहां किसी भी वर्कशॉप में इंजन के जिस पॉर्ट की जरूरत होगी, वह एक क्लिक पर उपलब्ध हो जाएगा। पहले इंजन को मैनुअली पेंट करने में श्रम और समय दोनों की ज्यादा खपत होती थी लेकिन अब रोबोट रेल इंजन को पेंट करेंगे। इससे कम समय में अधिक इंजन पेंट किए जा सकेंगे।
दरअसल, डीरेका की क्षमता विस्तार का यह तीसरा अहम पड़ाव है। इलेक्ट्रिक इंजन का उत्पादन पहले ही शुरू हो चुका है। 6000 हार्स पॉवर क्षमता तक के इंजन यहां निर्मित किए जा रहे हैं।
विस्तारीकरण के बाद हाई-स्पीड ट्रेन और बुलेट ट्रेन की जरूरत के हिसाब से 12000 हार्स पॉवर क्षमता तक के इंजन तकनीकी साझेदारी के जरिए बनाने की तैयारी है।