धनु लग्न: सुबह 10:26 से दोपहर 12:32 तक शिक्षण संस्थान, विद्यार्थी , व्यापारी अपने उद्योग धंधे, व्यवसाय, दुकानदारी, प्रतिष्ठान आदि में लक्ष्मीपूजन के लिए धनु लग्न को श्रेष्ठ मानते हैं। क्योंकि लग्न का स्वामी ग्रह गुरू है। शुभ ग्रह होने से गुरू सबकी सफलता में सहायक रहता है।
मकर लग्न: दोपहर 12:33 से दोपहर 2:19 तक मकर लग्न में लग्नेश शनि तथा अभिजीत मुहूर्त की उपस्थिति कार्यसिद्धी में मदद करेगी। लोहा, इलेक्ट्रानिक, वर्तन, फ़ूड ,आदि से जुड़े लोग पूजन करें
कुम्भ लग्न: दोपहर 2:20 से दोपहर 3:50 तक रहेगा। कुम्भ लग्न स्थिर लग्न माना जाता है इसमें होटल,रेस्टोरेंट, हॉस्पिटल मेडिकल व्यवसाय आदि से जुड़े लोग पूजन करने से आय समृद्धि स्थायी होती है। इस समय लाभ का चौघड़िया भी रहेगा जो पूजन करने व कराने वालों की कार्यसिद्धि में लाभप्रद रहेगा।
मीन लग्न: अपराह्न 3:51 से सायं 5:18 तक श्रेष्ठ रहेगा। इस समय अमृत का चौघड़िया भी रहेगा जो शिक्षा, कोचिंग, आध्यात्मिक साधना मैं संलग्न साधकों वर्षभर पूजनार्थियों पर अमृत की वर्षा करायेगा।
मेष लग्न: सायंकाल 5:19 से 6:55 तक प्रदोष की वेला में श्रेष्ठ माना जाएगा। जो जमीन कारोबारी, शेयर बाजार कारोबारी,इस लग्न मैं पूजन से व्यापार उत्तरोत्तर वृद्धि को प्राप्त होगा।