तांत्रिकों की मानें तो दीपावली की पूजा-लक्ष्मी गणेश की समर्पित है। देवी लक्ष्मी की सवारी उल्लू है, इस नाते पूजा में उल्लू का विशेष महत्व होता है। वहीं गंगा में जलस्तर बढ़ने के कारण साधकों को निर्जन स्थान की तलाश में काफी मशक्कत करनी पड़ी। गंगा पार रेती जलमग्न होने के कारण साधकों को एकांत व निर्जन स्थान चिन्हित करने में परेशानी हुई।