दिवाली 2020: बाजार में लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति
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मिल रहा है अमावस्या व्यापिनी महानिशीथ काल
ज्योतिषाचार्य पं. गणेश मिश्र ने बताया कि धर्म शास्त्रों में दीपावली के पूजन में प्रदोष काल अति महत्व पूर्ण होता है। धर्मशास्त्रोक्त दीपावली प्रदोष काल एवं महानिशीथ काल व्यापिनी अमावस्या में है। प्रदोष काल का महत्व गृहस्थों एवं व्यापारियों के लिए और महानिशीथ काल का तान्त्रिकों के लिए होता है। इस साल अमावस्या व्यापिनी महानिशीथ काल प्राप्त हो रहा है। महानिशीथ काल की पूजा मध्यरात्रि 12:40 से 2 बजे के मध्य की जा सकती है।