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मंडलीय अस्पताल का चिल्ड्रेन वार्ड फुल, ओपीडी में बढ़े मरीज

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जून में अच्छी बारिश के बाद अब तेज धूप, उमस से मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। थोड़ी सी असावधानी सेहत पर भारी पड़ सकती है। अस्पतालों की ओपीडी में वायरल फीवर यानी सर्दी, खांसी, बुखार आदि के मरीज भी बढ़ गए हैं। इनमें बच्चों की संख्या अधिक है। मंडलीय अस्पताल में 20 बेड का चिल्ड्रेन वार्ड इस समय फुल हो गया है। कुछ बच्चों को अन्य वार्ड में भर्ती किया गया है। यहां डायरिया से ग्रसित बच्चे अधिक हैं। बीएचयू सर सुंदरलाल अस्पताल, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, राजकीय आयुर्वेद कॉलेज, रामनगर अस्पताल की ओपीडी में फिजिशियन, बाल रोग के साथ ही चर्म रोग विभाग, नाक-कान-गला रोग विभाग की ओपीडी में दस दिन में मरीजों की संख्या 30 फीसदी बढ़ी है। मंगलवार को मंडलीय अस्पताल में पर्चा काउंटर के साथ ही जांच कराने वालों की लंबी लाइन लगी रही। उधर, ओपीडी में भी डॉक्टरों के कमरे के बाहर लोग अपनी बारी का इंतजार करते रहे। कोरोना काल में बंद होने के बाद ओपीडी खुली तो मरीजों की संख्या 40 से 50 रही, लेकिन अब संख्या 80 से 100 तक पहुंच रही है। इसमें बच्चों की संख्या अधिक है।
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इस मौसम में वायरल फीवर का खतरा अधिक रहता है। ओपीडी में सर्दी, खांसी की परेशानी वाले मरीज अधिक आ रहे हैं। ब्लड प्रेशर और हृदय रोग के मरीजों की संख्या भी अधिक रह रही है।
- डॉ. आरके शर्मा, चेस्ट फीजिशियन, मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा
जिस तरह मौसम बदल रहा है, हृदय रोगियों को भी ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है। नियमित जांच कराते रहने के साथ ही डॉक्टर की सलाह के बिना कोई दवा नहीं लेनी चाहिए।
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- डॉ. ओमशंकर, हृदय रोग विशेषज्ञ, बीएचयू
बच्चों की सेहत पर अधिक ध्यान देने की जरूरत है। इस समय उल्टी, दस्त की समस्या रहती है। अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में भी डायरिया से ग्रसित बच्चे अधिक है। इनकी सेहत की निगरानी की जा रही है।
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- डॉ. सीपी गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ, मंडलीय अस्पताल
ये बरतें सावधानी
पूरी बांह का कपड़ा पहनकर बाहर निकले
खुले में सोने से बचना चाहिए
बाजार की चीजों को खाने से बचे। ताजा भोजन ही लेना चाहिए
मौसमी फल और हरी सब्जियां खाएं
किसी तरह की परेशानी पर डॉक्टराें की सलाह जरूर लें
बहुत जरूरी न हो तो बच्चों, बुजुर्गों को बाहर निकलने से बचना चाहिए।
पानी उबालकर ही इस समय पीएं तो बेहतर होगा।
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