निरिक्षण करते सह जिला विद्यालय निरीक्षक राजन सिंह
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जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्राप्त आईजीआरएस शिकायत पर शनिवार को एक टीम ने ओ ग्रोव चिल्ड्रन एकेडमी कोल्हुवा विनायका का औचक निरीक्षण किया। इसमें कई खामियां और शिकायतें सही पाई गईं। जिला विद्यालय निरीक्षक की ओर से इस संबंध में विद्यालय से तीन दिन के अंदर सभी अभिलेखों के साथ जवाब मांगा है।
जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह की ओर से गठित टीम में सह जिला विद्यालय निरीक्षक राणा बृजेश कुमार सिसौदिया और राजन सिंह के साथ खंड शिक्षा अधिकारी पंकज कुमार, स्कंद गुप्ता, अखिलेश कुमार यादव और नागेंद्र सरोज निरीक्षण में पहुंचे।
सह जिला विद्यालय निरीक्षक राजन सिंह ने बताया कि जांच में विद्यालय में कई अनियमितताएं मिलीं। इनमें अवैध रूप से कक्षा 9 से कक्षा 12 तक की कक्षाओं का संचालन, प्राइवेट प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों का उपयोग, निर्धारित दुकानों से पुस्तकें एवं ड्रेस खरीदने का दबाव और शुल्क वृद्धि शामिल हैं।
टीम ने विस्तृत जांच की और संबंधित बिंदुओं की पुष्टि की गई। टीम ने विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि अगले तीन दिन के अंदर सभी आवश्यक अभिलेख जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में प्रस्तुत करें। अन्यथा विद्यालय की मान्यता रद्द करने के साथ आर्थिक दंड और अन्य विधिक कार्रवाई की जाएगी।
9 साल बाद भी न पारितोषिक मिला न ही कोई मेडिकल सुविधा, शिक्षकों के साथ अन्याय
सरकार शिक्षकों के मांगों के प्रति संवेदन शून्य लग रही है। 9 साल बाद भी शिक्षकों को न तो पारितोषिक मिल और न ही मेडिकल की सुविधा मिली। इस सरकार में शिक्षकों संग अन्याय हो रहा है। यह बातें शनिवार को उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय पर धरने के दौरान कहीं। धरने की अध्यक्षता संगठन के जिलाध्यक्ष शरफुद्दीन ने की। इस दौरान संगठन ने सरकार के समक्ष 31 सूत्री मांगें रखीं।
पूर्व एमएलसी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र ने कहा कि लंबे संघर्ष के बाद शिक्षकों ने सेवा सुरक्षा के रूप में चयन बोर्ड अधिनियम की धारा 21 प्राप्त की थी। इसे सरकार ने शिक्षा आयोग बनाकर उस व्यवस्था को समाप्त कर दिया। पुरानी पेंशन की बहाली नहीं की गई। एनपीएस के रखरखाव की कोई उचित व्यवस्था न होने के कारण लगातार अनिश्चितता बनी रहती है। सेवानिवृत्त शिक्षकों के देयकों का भुगतान समय पर नहीं हो रहा है। वर्तमान सरकार के पूर्व में वित्तविहीन विद्यालयों में कार्य करने वाले शिक्षकों को 999 रुपये प्रति माह की पारितोषिक मिलता था। इसे वर्तमान सरकार ने यह कहकर बंद किया कि इससे सम्मानजनक मानदेय दिया जाएगा लेकिन 9 साल बाद भी कुछ नहीं हुआ। मौके पर मंडलीय अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह, प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य विनोद शंकर पांडेय, माया शंकर यादव, पूर्व अध्यक्ष गिरिजेश तिवारी, आईटी सेल के सदस्य शिवेंद्र कुमार दुबे, कोषाध्यक्ष कमलेश कुमार मौजूद रहे। संचालन जिला मंत्री अखिलेश कुमार पांडेय ने किया।