वाराणसी में कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण को लेकर जिला प्रशासन नई रणनीति में जुट गया है। समय से जांच कर रिपोर्ट मिल सके और मरीजो का इलाज हो इसके लिए अर्ली डिटेक्शन,अर्ली कैचिंग कंसेप्ट के आधार पर काम किया जाएगा।
जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा ने कैंप कार्यालय पर स्वास्थ्य अधिकारियों, लैब टेक्नीशियन, कंप्यूटर ऑपरेटर और पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों के साथ हुई बैठक में कहा कि इस कांसेप्ट से समय से मरीजों की जांच और उनकी पहचान हो जाएगी। जो कोरोना संक्रमण पर नियंत्रण लगाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने कहा कि सैंपल कलेक्शन के लिए पशु चिकित्सा विभाग के कर्मचारियों को भी लगाया जाएगा।
साथ ही जिले के हर पीएचसी पर डाटा एंट्री ऑपरेटर द्वारा डाटा फीडिंग कराई जाएगी। जिलाधिकारी ने कहा कि सभी लैब टेक्नीशियन सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक जांच की प्रक्रिया पूरी करें, जिससे कि समय से रिपोर्टिंग की जा सके।
कोरोना पॉजिटिव मरीजों के कांटेक्ट वाले व्यक्तियों के सैंपल की जांच प्राथमिकता पर करने, आंगनबाड़ी और आशा कार्यकर्ताओं द्वारा किए जा रहे की जांच का सर्वे कराए जाने का निर्देश भी दिया। सैंपल देने में आना कानी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाएगी। बैठक में सीएमओ, एसडीएम राजातालाब,बीएसए सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।