महादेव नगर निवासी पीयूष कुमार सिंह ने बताया कि 18 अप्रैल को उन्होंने अपने बड़े पिताजी शंभूनाथ सिंह को कोरोना होने की वजह से एंबुलेंस से घर से रामकृष्ण मिशन अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस चालक को बुलाया था।
अस्पताल ले जाने के बाद चालक 80000 की मांग करने लगा। जब जिलाधिकारी द्वारा बताए गए रेट की बात की गई तो एंबुलेंस चालक मारपीट पर उतारू हो गया। वहीं अस्पताल में इलाज के दौरान बड़े पिता शंभूनाथ सिंह की मौत हो गई थी।
इसके बाद पिता वीरेंद्र सिंह की तबियत खराब हुई और बीएचयू में इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। पीयूष ने बताया कि एंबुलेंस चालक ने 80000 की मांग की तो बड़े भाई पर दबाव देकर 65000 खाते में ट्रांसफर कराया, उसके बाद 15000 कैश भी ले लिए। बताया कि 4 दिनों के अंदर अभिभावकों को खोने के बाद इस तरह से एंबुलेंस चालक की मनमानी का शिकार हुए। पीयूष ने इस मामले में लक्सा थाने में तहरीर देकर चालक पर मुकदमा दर्ज और पैसा वापस कराने की मांग की थी। लक्सा थाना प्रभारी महातम यादव ने बताया कि पीड़ित के अनुसार पैसा मिल गया है और इस संबंध में वह कोई कार्रवाई अब नहीं चाहता है।