बीएचयू में आयोजित कार्यक्रम में हाइड्रोजन उत्पादन की विभिन्न विधियों पर चर्चा की गई। इस दौरान केंद्र में लगे सोलर फोटोवोलटाइक, इलेक्ट्रोलिसिस प्लांट की क्षमता दो नार्मल मीटर क्यूब से बढ़ाकर पॉच नार्मल मीटर क्यूब तक करने पर भी सहमति हुई। यह भी हुआ कि हाइड्रोजन अनुसंधान को कार्बन न्यूट्रल हरित ऊर्जा हाइड्रोजन के बारे में विज्ञान संस्थान का हाइड्रोजन ऊर्जा केंद्र और नेशनल हाइड्रो पावर कारपोरेशन पायलट प्रोजेक्ट के द्वारा मिलकर कार्य करेंगे।
हाइड्रोजन ऊर्जा केंद्र के समन्वयक प्रो. ओएन श्रीवास्तव और नेशनल हाइड्रो प्रोजेक्ट नई दिल्ली के जनरल मैनेजर डॉ. प्रशांत आत्रे ने समझौता पर हस्ताक्षर किया। इस दौरान बताया गया कि सरकार ने 2021 के बजट में ऊर्जा के क्षेत्र में हाइड्रोजन ऊर्जा विकास पर विशेष बल दिया है। इसके तहत ही अनुसंधान एवं पायलट प्लांट के लिए विशेष आर्थिक मदद का प्रयोजन किया गया है। इस दौरान प्रो. ओएन श्रीवास्तव ने हाइड्रोजन ऊर्जा पर आधारित अनुसंधान एवं केंद्र द्वारा इस पर बनाए गए हाइड्रोजन चलित मोटर साइकिल, आटो, नैनो कार, खाना बनाने वाला चूल्हा / स्टोव, जेन सेट एवं हाइड्रोजन चलित टरबाइन से बिजली उत्पादन की जानकारी दी। प्रो. आरएस तिवारी, प्रो. अबु साज, डॉ. टीपी यादव, डॉ. र्स्टलिंग हडसन आदि ने कार्यक्रम में भाग लिया। इसके अलावा हाइड्रोजन ऊर्जा केंद्र विज्ञान संस्थान के भौतिकी, रसायनिक एवं वनस्पति विभाग की ओर से किए गए अनुसंधान पर विशेष चर्चा हुई।