फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फर्जी आरटीओ ऑफिस का भंडाफोड़, पुलिस की मिलीभगत से जारी किए जा रहे थे ड्राइविंग लाइसेंस

Wed, 14 Mar 2018 12:46 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंदौली
विज्ञापन
गिरफ्त में जालसाज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
यूपी के चंदौली में फर्जी आरटीओ कार्यालय का भंडाफोड़ हुआ। यहां से एक हजार से भी अधिक फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस जारी किए गए। जिले के सैय्यदराजा क्षेत्र के नौबतपुर में चल रहे है फर्जी आरटीओ कार्यालय में छापेमारी कर क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार की देर रात कार्यालय से काफी संख्या में फर्जी डीएल की प्लास्टिक कार्ड, परिवहन विभाग के सारे अभिलेख एवं विभिन्न राज्य के पदाधिकारियों की लगभग 300 से ज्यादा मुहरें बरामद की हैं।
विज्ञापन


मंगलवार को पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि नौबतपुर में टेंट लगाकर फर्जी कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस आदि तैयार किए जाने का मामला संज्ञान में आया था। जिस पर वन विभाग की टीम को लगाया गया था।

टीम के सदस्यों ने साधु वेश में जाकर बिना किसी पहचान पत्र के फर्जी डीएल यहां से बनवाया जिसके बाद छापेमारी की गई। पूछताछ में इनके पास से काफी संख्या में ड्राइविंग लाइसेंस में प्रयोग किए जाने वाले प्लास्टिक, कार्ड चिप सहित परिवहन विभाग के अभिलेख बरामद हुए हैं।
विज्ञापन


विभिन्न राज्यों के एआरटीओ की मुहर व अन्य विभाग के राजपत्रित अधिकारियों की मुहरें भी बरामद की गई हैं। इनके पास तीन कार्ड प्रिंटर, दो कलर पेपर प्रिंटर, 700 प्लास्टिक कार्ड चिप सहित 500 प्लास्टिक कार्ड बिना चिप के बरामद किए गए हैं।

इसमें खजुरा दुर्गावती निवासी याकूब अंसारी, सैयदराजा के अखिलेश शर्मा, चंदौली के धीरज सिंह, नारायणपुर निवासी अशोक राजभर को गिरफ्तार कर लिया गया है। सूत्रों के अनुसार इस धंधे में पुलिसकर्मी भी शामिल थे। पुलिस अधीक्षक अब ऐसे पुलिसकर्मियों की भी पहचान कर रहे हैं।
विज्ञापन

लंबे समय से चल रहा था खेल

demo pic
बिहार बॉर्डर पर नौबतपुर चेकपोस्ट के समीप फर्जी आरटीओ कार्यालय में अवैध तरीके से डीएल बनाने और लाइसेंस जारी करने का खेल लंबे समय से चल रहा था। शिकायत एसपी का पास पहुंचने पर छापेमारी कर कार्रवाई की गई।

चेकपोस्ट के पास कई सालों से फर्जी तरीके से डीएल और वाहनों के लाइसेंस बनाए जा रहे थे। मंगलवार को पुलिस ने बरामद सामान सील कर दिया। 300 मुहरें, कागजात भी जब्त कर लिए गए।

बताया जा रहा है कि अब तक 1000 से अधिक डीएल और लाइसेंस जारी किए जा चुके हैं। एसपी संतोष सिंह का कहना है कि मामले की जांच कराई जा रही है। इसमें दोषी पाए जाने पर किसी को बख्शा नहीं जाएगा।

उन्होंने कहा कि पकड़े गए चार लोगों के अलावा इस गिरोह में और कौन कौन लोग शामिल उनकी भी पहचान की जा रही है। आरटीओ कार्यालय से भी इसकी जांच कराई जाएगी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें