वाराणसी की पहचान वरुणा नदी की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। गर्मी के दौरान सूखे की मार झेल रही नदी में जब बरसात के बाद जलस्तर बढ़ा तो प्रदूषण ने हालत खराब कर दी।
वाराणसी स्थित वरुणा नदी की सूरत बदलने के भले ही दावे किए जा रहे हो, लेकिन हकीकत कोसों दूर है। बुधवार से वरुणा में बह रही सफेद झाग ने अधिकारियों के दावों की पोल खोल कर रख दी। दूर से देखकर अहसास हुआ कि सफेद बर्फ की चादर सी बिछी हुई है, लेकिन थोड़ा नजदीक जाने पर सच्चाई सामने आ गई कि यह सफेद झाग है।
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वाराणसी की पहचान वरुणा नदी की हालत दिन पर दिन खराब होती जा रही है। गर्मी के दौरान सूखे की मार झेल रही नदी में जब बरसात के बाद जलस्तर बढ़ा तो प्रदूषण ने हालत खराब कर दी। वरुणा नदी खिड़किया घाट पर सीधे गंगा में मिलती है। नदी को साफ करने के लिए योजनाएं तो ढेर सारी हैं, लेकिन हकीकत में इसे धरातल पर उतारा नहीं जा सका है।
इसका नतीजा आज सबके सामने वरुणा में सफेद झाग के रूप में हर किसी को नजर आ रहा है। प्रदूषण की मार झेल रही वरुणा में तटवर्ती इलाकों का कूड़ा, कचरा और सीवर के साथ ही खतरनाक केमिकल प्रवाहित होने के कारण सफेद झाग जैसी स्थिति बनी है।
प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी कालिका सिंह ने बताया कि वरुणा में गिरने वाले नालों को तो बंद कर दिया गया है। नदी में सफेद झाग के मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई भी होगी।