इन टीमों में एक टीम सीबीआरएन से निपटने के लिए सभी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ लैस है। दूसरी टीम सीएसएसआर से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए तैनात है। इसके साथ ही अन्य जिलों में भी एनडीआरएफ के अतिरिक्त टीमों को पूरी तैयारी के साथ तैनात रखा गया है। जरूरत पड़ने पर उनकी भी सहायता ली जाएगी।
अयोध्या श्रीराम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह को लेकर आपदा प्रबंधन की कमान 11वीं बटालियन एनडीआरएफ वाराणसी संभाल रही है। इसे लेकर एनडीआरएफ वाराणसी के डीआइजी मनोज कुमार शर्मा ने कहा कि 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह के मद्देनजर हमारी तीन टीमें यहां तैनात हैं।
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डीआइजी ने कहा कि एक टीम का कैंप मंदिर परिसर में प्रवेश द्वार के पास लगाया गया है। हमने स्थानीय प्रशासन और पुलिस के साथ समन्वय बनाकर हमने टीमें तैनात की हैं। एक सीएसएसआर टीम है जो मंदिर परिसर में ही तैनात है। वहीं हमारी एक टीम घाटों पर तैनात है। जो जल संबंधी आपदाओं से निपटने के लिए सक्रिय है।
अधिकारी ने कहा सभी टीम अत्याधुनिक राहत बचाव उपकरणों से सुसज्जित हैं और किसी भी प्रकार के आपदा के दौरान हम सभी संभावित चुनौतियों से निपटने में सक्षम हैं।
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बता दें कि इन टीमों में एक टीम केमिकल बायोलॉजिकल रेडियोलॉजिकल व न्यूक्लियर आपदा (सीबीआरएन) से निपटने के लिए सभी अत्याधुनिक उपकरणों के साथ लैस है। दूसरी टीम कोलैप्स स्ट्रक्चर सर्च एंड रेस्क्यू (सीएसएसआर) से संबंधित आपदाओं से निपटने के लिए तैनात है।
वहीं, तीसरी टीम को सरयू नदी में रेस्क्यू मोटर बोट, गोताखोर, पैरामाडिक्स, लाइफ जैकेट के साथ तैनात किया गया है। इस दौरान गोरखपुर व लखनऊ में भी एनडीआरएफ के अतिरिक्त टीमों को पूरी तैयारी के साथ तैनात रखा गया है।
तीनों टीमों में विशेष प्रशिक्षित अधिकारी और रेस्क्यूर्स को अत्याधुनिक राहत बचाओ उपकरणों के साथ चिकित्सक, पैरामेडिक, विशेष रूप से प्रशिक्षित स्वान दस्ता को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा गोरखपुर व लखनऊ में भी एनडीआरएफ के अतिरिक्त टीमों को पूरी तैयारी के साथ तैनात रखा गया है ताकि जरूरत पड़ने पर उनका भी उपयोग किया जा सके।