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काशी में शवों को जलाने में दिक्कत: मणिकर्णिका और हरिश्चंद्र घाट पर बाढ़, 84 घाटों का संपर्क प्रभावित; अलर्ट

सार

Varanasi News: वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़कर बुधवार सुबह 67.58 मीटर पहुंच गया। करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रहे पानी के कारण मणिकर्णिका घाट तक गंगा पहुंच गई। 84 घाटों का संपर्क प्रभावित हुआ है। बाढ़ की आशंका में 46 राहत शिविर अलर्ट किए गए हैं और जल पुलिस-एनडीआरएफ निगरानी कर रही है।
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मणिकर्णिका घाट की छत पर जल रहीं चिता। - फोटो : संवाद
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Flood in Varanasi: वाराणसी में गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से घाटों और तटवर्ती इलाकों में चिंता बढ़ गई है। बुधवार सुबह गंगा का जलस्तर 67.58 मीटर पहुंच गया। नदी करीब चार सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बढ़ रही है। बढ़ते जलस्तर के कारण मणिकर्णिका घाट पर भी गंगा का पानी पहुंच गया है।

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गंगा का पानी बढ़ने से काशी के कई प्रमुख घाटों के बीच संपर्क मार्ग जलमग्न हो गए हैं। इसके चलते 84 घाटों का आपसी संपर्क प्रभावित हुआ है। घाटों पर आने-जाने वाले श्रद्धालुओं, पर्यटकों और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जलस्तर बढ़ने के साथ ही तटवर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता भी बढ़ गई है।
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केंद्रीय जल आयोग के अनुसार मंगलवार रात आठ बजे गंगा का जलस्तर 67.22 मीटर दर्ज किया गया था। इसके बाद बुधवार सुबह तक जलस्तर में 36 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। मंगलवार रात नदी चेतावनी बिंदु से करीब साढ़े तीन मीटर और खतरे के निशान से लगभग चार मीटर नीचे थी। बुधवार को भी जलस्तर बढ़ने का सिलसिला जारी रहा।

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गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी है। जिले में बनाए गए 46 राहत शिविरों को अलर्ट कर दिया गया है, ताकि जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।

घाटों और तटवर्ती क्षेत्रों में जल पुलिस तथा एनडीआरएफ की टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। लोगों से गंगा के बढ़ते पानी और तेज बहाव को देखते हुए सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। प्रशासन की टीमें जलस्तर और संवेदनशील इलाकों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। गंगा के जलस्तर में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो आने वाले समय में निचले इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।
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