मरीजों को अनावश्यक रूप से एक विभाग से दूसरे विभाग में भेजे जाने की व्यवस्था की समीक्षा करते हुए प्रभावी ट्रायज और रेफरल सिस्टम लागू करने की जरूरत है।यह भी बताया कि आयुष्मान योजना का काउंटर कम होने के कारण यहां बहुत भीड़ लगी रहती है। ओपीडी में मरीज देखने के बाद उन्हें निजी संस्थानों में उपचार अथवा ऑपरेशन के लिए ले जाने संबंधी शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराने, नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की।
यीशु ने कहा कि प्राय: यह देखने में आ रहा है कि बुजुर्ग, दिव्यांग, गंभीर एवं चलने में असमर्थ मरीजों की सुविधा के लिए पर्याप्त संख्या में व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं हो पाता है। इस वजह से मरीजों को भटकना पड़ता है। कहा कि निदेशक, चिकित्साधीक्षक ने जल्द ही समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया है। इस दौरान धीरज, राजू, शुभम, केतन, आदित्य, हिमांशु, राकेश आदि छात्र मौजूद रहे।