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NIA Raids: एनआईए की अलग-अलग टीमें जुटा रही थीं साक्ष्य, बिहार व बलिया से हुईं गिरफ्तारियों से मिली बड़ी लीड

Wed, 06 Sep 2023 10:47 AM IST
किरन रौतेला पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी, अमर उजाला, वाराणसी

सार

एनआईए ने हाल ही बिहार से चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह यूपी एटीएस ने बलिया ने एक महिला सहित पांच नक्सलियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब पूर्वांचल सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापे मारे गए हैं।

 
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NIA की पूछताछ के बाद BHU की दो छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिहार और बलिया से नक्सलियों की गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में मिले ठोस साक्ष्यों के आधार पर एनआईए ने बीएचयू कैंपस से सटी महामनापुरी कॉलोनी व प्रदेश के अन्य जिलों में छापा मारा है। जांच एजेंसी लंबे समय से साक्ष्य जुटा रही थी। सबकी गतिविधियों पर निगाह रखी जा रही थी।

एनआईए ने हाल ही बिहार से चार नक्सलियों को गिरफ्तार किया था। इसी तरह यूपी एटीएस ने बलिया ने एक महिला सहित पांच नक्सलियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा था। अब पूर्वांचल सहित प्रदेश के अलग-अलग जिलों में छापे मारे गए हैं। खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों के उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, बिहार के औरंगाबाद जिले से रोहित राय उर्फ प्रकाश उर्फ धर्मराज और उसके साथी प्रमोद यादव को गिरफ्तार किया गया था।

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बीटेक पास रोहित राय का चंदौली के सैयदराजा क्षेत्र से गहरा संबंध रहा है। उसका परिवार चंदौली में रहता है। एक दशक पहले भगत सिंह छात्र मोर्चा के सक्रिय सदस्य के तौर पर रोहित राय की वाराणसी में अलग पहचान रही है। इसी तरह पटना से प्रमोद मिश्रा को उसके सहयोगी अनिल यादव के साथ गिरफ्तार किया गया था। प्रमोद अपने करीबियों के साथ पूर्वांचल में नक्सल विचारधारा का प्रचार-प्रसार करता था। नई टीम खड़ी कर रहा था। फिलहाल, शीर्ष एजेंसियों को कैमूर निवासी विनोद शंकर की सरगर्मी से तलाश है।
 

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BHU की दो छात्राओं से NIA की पूछताछ - फोटो : अमर उजाला
मुखौटा संगठनों के माध्यम से कर रहे विस्तार

अफसरों का कहना है कि जंगलों में नक्सलियों की राह मुश्किल होनी शुरू हुई तो उन्होंने एक नई तरकीब निकाली। अब वह मुखौटा संगठनों के माध्यम से बिहार से सटे पूर्वांचल के जिलों में गोपनीय तरीके से अपनी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही शहर के पढ़े-लिखे वर्ग की एक नई टीम तैयार कर रहे हैं। इन्हें पर्याप्त फंडिंग भी की जा रही है। इनके संरक्षक प्रभावशाली लोग हैं। इनका उद्देश्य भारत सरकार के खिलाफ नक्सली विचारधारा के लोगों को जुटाकर सुनियोजित विद्रोह के जरिये सरकारी व्यवस्था को ध्वस्त करना है।

आजमगढ़ के खिरियाबाग आंदोलन में सक्रिय रहे चेहरों पर खास नजर

आजमगढ़ के खिरियाबाग आंदोलन में सक्रिय रहे चेहरों पर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर है। यह चिह्नित सक्रिय चेहरे नक्सल के मास आर्गनाइजेशन और मुखौटा संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं। अफसरों के मुताबिक बीते अगस्त महीने में बलिया से गिरफ्तार की गई नक्सली तारा देवी उर्फ मंजू उर्फ मनीषा की सक्रियता भी खिरियाबाग आंदोलन में देखी गई थी। तारा देवी पर बिहार के बहुचर्चित मधुबन बैंक डकैती कांड को नक्सलियों के साथ अंजाम देने का आरोप है। इस वारदात में बिहार पुलिस पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे और कई जवान घायल हुए थे।

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