BHU की दो छात्राओं से NIA की पूछताछ
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मुखौटा संगठनों के माध्यम से कर रहे विस्तार
अफसरों का कहना है कि जंगलों में नक्सलियों की राह मुश्किल होनी शुरू हुई तो उन्होंने एक नई तरकीब निकाली। अब वह मुखौटा संगठनों के माध्यम से बिहार से सटे पूर्वांचल के जिलों में गोपनीय तरीके से अपनी विचारधारा का प्रचार-प्रसार करने के साथ ही शहर के पढ़े-लिखे वर्ग की एक नई टीम तैयार कर रहे हैं। इन्हें पर्याप्त फंडिंग भी की जा रही है। इनके संरक्षक प्रभावशाली लोग हैं। इनका उद्देश्य भारत सरकार के खिलाफ नक्सली विचारधारा के लोगों को जुटाकर सुनियोजित विद्रोह के जरिये सरकारी व्यवस्था को ध्वस्त करना है।
आजमगढ़ के खिरियाबाग आंदोलन में सक्रिय रहे चेहरों पर खास नजर
आजमगढ़ के खिरियाबाग आंदोलन में सक्रिय रहे चेहरों पर खुफिया और सुरक्षा एजेंसियों की खास नजर है। यह चिह्नित सक्रिय चेहरे नक्सल के मास आर्गनाइजेशन और मुखौटा संगठनों के साथ मिलकर काम करते हैं। अफसरों के मुताबिक बीते अगस्त महीने में बलिया से गिरफ्तार की गई नक्सली तारा देवी उर्फ मंजू उर्फ मनीषा की सक्रियता भी खिरियाबाग आंदोलन में देखी गई थी। तारा देवी पर बिहार के बहुचर्चित मधुबन बैंक डकैती कांड को नक्सलियों के साथ अंजाम देने का आरोप है। इस वारदात में बिहार पुलिस पुलिस के दो जवान शहीद हुए थे और कई जवान घायल हुए थे।