होटल हरिविलास में आग लगते ही कमरों और रेस्टोरेंट में मौजूद लोगों के साथ ही स्टाफ के बीच पहले बाहर निकलने की होड़ सी लग गई। सब दौड़ते हुए होटल से बाहर निकले। चीख-पुकार से भगदड़ सा नजारा दिखा। धुएं के कारण कई लोग खांसते हुए दिखे। वहीं, आग लगने की सूचना मिलते ही बिजली विभाग ने इलाके की विद्युत आपूर्ति बंद कर दी।
मुख्य अग्निशमन अधिकारी आनंद सिंह राजपूत ने कहा कि होटल में लगी आग पर एक घंटे की मशक्कत के बाद काबू पाया गया। होटल को अग्निशमन विभाग से मिली एनओसी की जांच की जाएगी। बुधवार को टीम होटल का मुआयना करेगी। देखा जाएगा कि होटल में आग से बचाव के उपकरणों के साथ ही सुरक्षा मानकों का सही तरीके से ध्यान रखा गया था या नहीं। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हरिविलास होटल श्रीनगर कॉलोनी में है। यह घनी आबादी वाला क्षेत्र है। सवाल यह उठता है कि रिहायशी इलाके में होटल के संचालन की अनुमति कैसे मिल गई? आग लगने के बाद मौके पर मौजूद लोग होटल के नक्शा और निर्माण को लेकर चर्चा करते दिखे। लोगों का कहना था कि आमजन के हित में वीडीए, नगर निगम, जिला प्रशासन, पुलिस और अग्निशमन विभाग को रिहायशी इलाकों में संचालित ऐसे व्यावसायिक भवनों की जांच अभियान चला कर करनी चाहिए। कुछ लोगों ने कहा कि जहां होटल है, वहां एक आवास था। अब होटल बन गया है।
लखनऊ से परिवार के साथ आए विवेक श्रीमाली ने बताया कि अलार्म बजते ही हम लोग होटल के कमरे से बाहर निकले। कमरों तक आग नहीं पहुंची थी। कमरे से बाहर निकलने पर खांसी बहुत आ रही थी और दम घुट रहा था। हर तरफ धुआं था। परिवार के साथ ही होटल के अन्य कमरों में ठहरे हुए लोग सुरक्षित हैं। कार की चाबी कमरे में छूट गई थी, इसलिए आग लगने के बाद कार का शीशा तोड़कर उसे पीछे किया गया। लैपटॉप, चार्जर व कुछ रुपये होटल के कमरे में पड़े हैं।
श्रीनगर कॉलोनी स्थित होटल में आग देखकर स्थानीय लोगों के साथ ही आसपास के इलाके के लोगों की भीड़ जुट गई। सभी लोग यही प्रार्थना कर रहे थे कि होटल के अंदर आग में कोई व्यक्ति न फंसा हुआ हो। लोगों को जब पता लगा कि होटल के स्टाफ और अन्य लोग सुरक्षित हैं तो सभी ने राहत की सांस ली। वहीं, लोगों के हुजूम को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।