फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Varanasi: बीएचयू में रत्नों के परीक्षण पर संवाद कल, विश्वविद्यालय में बनाई जा रही शोध प्रयोगशाला

Wed, 26 Apr 2023 06:37 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

बीएचयू रत्नों के परीक्षण के लिए आधुनिक सुविधा और शोध प्रयोगशाला स्थापित करने पर काम कर रहा है। इसी कवायद के तहत परिसर स्थित सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में  मंगलवार को उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और बीएचयू के विशेषज्ञों के बीच संवाद होगा। 
विज्ञापन
काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) रत्नों के परीक्षण के लिए आधुनिक सुविधा और शोध प्रयोगशाला स्थापित करने पर काम कर रहा है। यह प्रयोगशाला रत्नों व कीमती पत्थरों के व्यवसाय में लगे लोगों व उद्योगों की जरूरतों को पूरा करेगी। इसी कवायद के तहत विश्वविद्यालय स्थित सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में मंगलवार दोपहर उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों के संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।

विज्ञापन


इसका मकसद उद्योग व व्यवसाय जगत की जरूरतों को समझना है। इसके साथ ही विशेषज्ञ पारंपरिक तथा आधुनिक वैज्ञानिक तरीके से रत्नों के असली या नकली होने की पहचान करने के बारे में चर्चा करेंगे। बीएचयू में स्थापित हो रही प्रयोगशाला देश के इस भाग में अपनी तरह की पहली आधुनिक प्रयोगशाला होगी।

विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी), भारत सरकार द्वारा स्वीकृत सैफ (सोफिस्टिकेटेड एनालिटिकल एंड टेक्निकल हेल्प इंस्टीट्यूट) योजना के तहत प्राप्त अनुदान के दूसरे चरण में बीएचयू स्थित सेंट्रल डिस्कवरी सेंटर में यह प्रयोगशाला स्थापित की जा रही है।

ये भी पढ़ें: इंटरमीडिएट परीक्षा परिणाम के बाद अब दाखिले की जंग, इन विश्वविद्यालयों में जल्द करें आवेदन
विज्ञापन
विज्ञापन

इसके लिए सैफ योजना के अंतर्गत 3.75 करोड़ रुपये के निवेश के साथ रत्न परीक्षण सुविधा के लिए अत्याधुनिक मशीनें लग रही हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें