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Devshayani Ekadashi 2023: कब है देवशयनी एकादशी? काशी के ज्योतिषियों से जानें व्रत के नियम और शुभ मुहूर्त

Thu, 08 Jun 2023 10:22 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

आषाढ़ शुक्ल पक्ष की एकादशी को देवशयनी एकादशी कहते हैं। मान्यता के अनुसार देवशयनी एकादशी से कार्तिक की देवोत्थान एकादशी तक चार महीने भगवान जब तक क्षीर सागर में शयन करेंगे, तबतक मांगलिक कार्य स्थगित रहेंगे।
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देवशयनी एकादशी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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देवशयन के साथ ही चार महीने के लिए शहनाई की गूंज थम जाएगी। भगवान विष्णु के योगनिद्रा में जाने के बाद सभी मांगलिक कार्यों पर नवंबर तक के लिए विराम लग जाएगा। 26 जून को लग्न की अंतिम तारीख मिल रही है। अब केवल लग्न के लिए पांच ही शुभ मुहूर्त मिलेंगे। देवोत्थान एकादशी पर भगवान के जागने पर ही मांगलिक कार्य आरंभ होंगे।

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श्री काशी विद्वत कर्मकांड परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी ने बताया कि आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी तिथि की शुरुआत 29 जून को प्रात: 03.18 मिनट पर होगी और अगले दिन 30 जून को प्रात: 02.42 मिनट पर इसका समापन होगा। इस दिन रवि योग का निर्माण हो रहा है, जो सुबह 05.26 मिनट से शाम 04.30 मिनट तक रहेगा।

देवशयनी एकादशी का खास महत्व

व्रत का पारण 30 जून को दोपहर 1.48 बजे से शाम 4.36 बजे तक होगा। भगवान विष्णु के विश्राम की अवधि को चातुर्मास कहते हैं और इस दौरान मांगलिक कार्य शादी, मुंडन, गृहप्रवेश, उपनयन संस्कार करना वर्जित होता है।
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चतुर्मास में क्या करें क्या ना करें

चतुर्मास चार महीने का आत्मसंयम काल है। इसमें जप, तप, स्वाध्याय, पूजा पाठ करना शुभ फलदायी होता है। साल में पड़ने वाली 25 एकादशी में देवशयनी एकादशी का खास महत्व है। ज्योतिषाचार्य पं. दैवज्ञ कृष्ण शास्त्री ने बताया कि एकादशी के दिन साधकों को चावल, अनाज, मसाले जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए और उपवास रखना चाहिए।

उपवास रखने से भगवान विष्णु का आशीर्वाद सदैव बना रहता है। इसके साथ देवशयनी एकादशी पर माता लक्ष्मी की उपासना करने से साधकों को धन और समृद्धि की प्राप्ति होती है और जीवन में आ रही आर्थिक समस्याएं दूर हो जाती हैं।
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जून में विवाह के मुहूर्त

शादी, विवाह - फोटो : फाइल फोटो
  • 11 जून 2023: मुहूर्त - दोपहर 02:32 से 12 जून प्रातः 05:23 तक
  • 12 जून 2023: मुहूर्त - प्रातः 05:23 से प्रातः 09:58 तक
  • 23 जून 2023: मुहूर्त - प्रातः 11:03 से 24 जून प्रातः 05:24 तक
  • 24 जून 2023: मुहूर्त - प्रातः 05:24 से रात्रि 11:16 तक
  • 26 जून 2023: मुहूर्त - दोपहर 01:19 से प्रातः 05:25 तक
  • नवंबर- 23, 24, 27, 28 और 29
  • दिसंबर- 5, 6, 7, 8, 9, 11 और 15
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