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काशी विश्वनाथ मंदिरः श्रद्धालुओं को गर्भ गृह के बाहर ही करना होगा जलाभिषेक, इन सामानों पर भी लगी रोक

Wed, 22 Aug 2018 12:54 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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बैठक करते अधिकारी - फोटो : अमर उजाला
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काशी विश्वनाथ मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए जलाभिषेक की व्यवस्था में बदलाव किया जाना है। जल्द ही गर्भ गृह के बाहर जलाभिषेक की व्यवस्था की जाएगी। यहां जलाभिषेक करने के बाद ही श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर सकेंगे।
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यही नहीं, गर्भ गृह की सुरक्षा के मद्देनजर गगरा में जल के साथ जलाभिषेक के दौरान हल्दी और चंदन मिलाकर अभिषेक करने को प्रतिबंधित कर दिया गया है। गर्भ गृह में थाली आदि ले जाने पर भी रोक लगाने का निर्णय किया गया है।

मंगलवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी की अध्यक्षता में हुई 95वीं बैठक में यह फैसला किया गया। मंदिर की व्यवस्थाओं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अतिथि गृह गंगा दर्शन गेस्ट हाउस का जीर्णोद्धार करने का भी फैसला किया गया।
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अतिथि गृह का नाम श्री काशी विश्वनाथ गेस्ट हाउस कर मंगला आरती के लिए आने वाले भक्तों को उचित कीमत पर पहले आओ और पहले पाओ की नीति के तहत मुहैया कराया जाएगा। मंदिर परिक्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ मंदिर को मुख्य मंदिर से जोड़ कर विस्तारित किया जाएगा।

बैठक में सुगम दर्शन के लिए शुल्क देकर बाबा का दर्शन, विशेष आरती सहित अन्य ऑनलाइन व्यवस्था के फैसलों पर सहमति दी गई। सुप्रभात आरती का समय नियत करने पर भी मंथन किया गया। इस मुद्दे पर संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय के कुलपति, आचार्य द्विवेदी और प्रमुख धर्माचार्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद शास्त्रोक्त विधि से समय तय करने पर सहमति बनी।

यह भी तय हुआ कि श्रद्धालुओं को गंगा घाट से ही बाबा विश्वनाथ का लाइव दर्शन कराए जाएं। इसके लिए गंगा घाट से लेकर मंदिर तक कई जगह एलईडी स्क्रीन और साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। इस दौरान मंदिर परिक्षेत्र में शिव पंचाक्षरी मंत्र भी गूंजता रहेगा।

श्रद्धालुओं को बाबा का विशेष प्रसाद देने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी गई है। इसके तहत महिलाओं की मदद से तिरुपति बालाजी मंदिर की तर्ज पर खास तरीके का लड्डू तैयार कराया जाएगा। मंदिर क्षेत्र में तीन शिफ्ट में अर्चकों की मौजूदगी सुनिश्चित करने के लिए फैसला हुआ है कि अर्चकों को पीतल का बैज मुहैया कराया जाएगा। मंदिर से बाहर जाते समय अर्चकों को बैज जमा करना होगा। इसके अलावा मंदिर परिसर में सीसी रोड, टीनशेड सहित अन्य कार्यो की मंजूरी दी गई।
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यूपी कर्मचारी नियमावली होगी लागू

काशी विश्वनाथ मंदिर
मंदिर में कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए तय किया गया कि इसमें यूपी कर्मचारी नियमावली का पालन किया जाएगा। धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़ी नियुक्तियों के लिए धर्माचार्यों की सलाह के आधार पर नियमावली तैयार की जाएगी। नियुक्तियों पर निर्णय के लिए उच्चस्तरीय समिति गठित की जाएगी। पहले से कार्यरत कर्मचारियों और धार्मिक अनुष्ठानों से जुड़े अर्चकों की योग्यता भी परखी जाएगी।

इसके अलावा बैठक में चंदौली के सकलडीहा स्थित जामेश्वर और कालेश्वर नाथ मंदिर को विकसित करने पर सहमति बनी है। इसके लिए मंडलायुक्त के नेतृत्व में टीम दोनों मंदिरों का दौरा कर प्रोजेक्ट तैयार करेगी। इसके अलावा श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की मिर्जापुर के ककरही की 45 बीघा जमीन का निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद जमीन की उपयोगिता पर भी निर्णय किया जाएगा।

वहीं श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद के अध्यक्ष आचार्य अशोक द्विवेदी का कहना है कि गर्भ गृह की सुरक्षा के लिए जलाभिषेक की व्यवस्था को सोमनाथ और उज्जैन के महाकालेश्वर की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। बाबा की आरती का समय भी निर्धारित होगा।

मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल का कहना है कि न्यास परिषद की बैठक में बाबा के भक्तों की सुविधा के लिए गेस्ट हाउस, ऑनलाइन आरती, प्रसाद व्यवस्था के साथ ही लाइव दर्शन कराने का निर्णय किया गया है।
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