इसके बाद प्रशासन से 17 अगस्त को श्रद्धालुओं के मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश पर रोक स्थायी कर दी थी, जो अभी तक चली आ रही थी। मंदिर प्रशासन ने अब, नवरात्र के मौके पर श्रद्धालुओं को गर्भगृह में प्रवेश और दर्शन-पूजन की अनुमति दे दी है। अब मंदिर में भक्तों की कतार लग रही है।