वाराणसी। पूर्वांचल में औद्योगिक विकास और निवेश को लेकर उद्यमियों ने अपनी आवाज बुलंद की। भारतीय औद्योगिक संघ (आईआईए) के संयोजन में बुधवार को होटल क्लार्क में हुई बैठक में उद्योगपतियों ने मुख्य अतिथि प्रमुख सचिव एमएसएमई व निर्यात प्रोत्साहन सुधीर गर्ग के सामने अपनी पीड़ा व्यक्त की और उद्योग के लिए बिजली व अन्य बुनियादी सुविधाएं मांगी।
साफ कहा कि यदि सरकार ने उद्यमियों की नहीं सुनी तो पूर्वांचल के सारे उद्योग बंद हो जाएंगे। हालांकि प्रमुख सचिव ने शासन स्तर पर उठाए गए समस्याओं के निराकरण की बात जरूर कही।
प्रमुख सचिव ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र के विकास के लिए प्रदेश सरकार मंथन कर रही है। इसके परिणाम जल्द ही सामने आएंगे। पूर्वांचल का कायाकल्प होगा।
कौशल विकास को लेकर अखिलेश सरकार गंभीर है जाकि युवाओं को हुनरमंद बनाकर उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रेरित किया जा सके। आईआईए के वाराणसी चैप्टर के चेयरमैन आरके चौधरी ने कहा कि पूर्वांचल में औद्योगिक विकास कि लिए विशेष पैकेज घोषित मिलना चाहिए।
संरक्षक अशोक गुप्ता और सचिव राजेश भाटिया ने भी औद्योगिक विकास में आ रही दिक्कतों को रेखांकित किया। उद्योग निदेशक व आयुक्त एल वेेंकटेश्वर लू और संयुक्त निर्यात आयुक्त आरके सिंह ने भी हर सहयोग के लिए आश्वस्त किया। बैठक में विजय मित्तल, राजेश वर्मा, शेषपाल गर्ग, उमाशंकर अग्रवाल, विशिष्ट यादव, अवधेश गुप्ता, दिनेश गर्ग, रतन सिंह, प्रदीप तुलस्यान आदि मौजूद रहे।